नासिक एमएनसी मामला: धोखे से धर्म परिवर्तन रोकने के निर्देश की मांग को लेकर न्यायालय में याचिका

नासिक एमएनसी मामला: धोखे से धर्म परिवर्तन रोकने के निर्देश की मांग को लेकर न्यायालय में याचिका

नासिक एमएनसी मामला: धोखे से धर्म परिवर्तन रोकने के निर्देश की मांग को लेकर न्यायालय में याचिका
Modified Date: April 16, 2026 / 05:59 pm IST
Published Date: April 16, 2026 5:59 pm IST

नयी दिल्ली, 16 अप्रैल (भाषा) नासिक स्थित एक बहुराष्ट्रीय कंपनी (एमएनसी) में धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर कर धोखाधड़ीपूर्ण धर्मांतरण को नियंत्रित करने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया।

यह याचिका नासिक स्थित टीसीएस कार्यालय में आठ महिला कर्मचारियों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के आरोपों की पृष्ठभूमि में दायर की गई है।

अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय द्वारा दायर याचिका में तर्क दिया गया कि धोखे से किया गया धर्मांतरण न केवल संप्रभुता, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र और स्वतंत्रता के लिए एक गंभीर खतरा है, बल्कि बंधुत्व, गरिमा, एकता और राष्ट्रीय एकता के लिए भी एक खतरा है।

अधिवक्ता अश्वनी दुबे के माध्यम से दायर याचिका में केंद्र और राज्य सरकार को धर्मांतरण को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

इसमें केंद्र और राज्यों को धार्मिक धर्मांतरण के मामलों से निपटने के लिए विशेष अदालतें स्थापित करने और यह घोषित करने के निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है कि धोखे से किए गए धर्मांतरण के लिए सजा एक साथ नहीं बल्कि क्रमिक होगी।

याचिका में कहा गया है कि धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार में धोखाधड़ी, बल प्रयोग, दबाव या छल के माध्यम से दूसरों को धर्मांतरित करने का अधिकार शामिल नहीं है।

भाषा

प्रशांत नरेश

नरेश


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