विपक्ष के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर सवा दो बजे तक स्थगित
विपक्ष के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर सवा दो बजे तक स्थगित
नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण बृहस्पतिवार को राज्यसभा की बैठक एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बज कर 15 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी गई।
एक बार के स्थगन के बाद दोपहर बारह बजे बैठक शुरू करने पर सभापति सी पी राधाकृष्णन ने प्रश्नकाल शुरू कराया। इसी बीच विपक्षी सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को बोलने की अनुमति देने की मांग भी की।
सभापति ने कहा कि विपक्षी सदस्य शांत रहेंगे तो वह पूरक प्रश्नों के बाद नेता प्रतिपक्ष को अपनी बात रखने की अनुमति देंगे। सदस्यों के शांत होने के बाद सभापति ने नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से अपनी बात रखने के लिए कहा।
सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई, जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विपक्ष अपने इस आग्रह पर कायम रहा कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर वक्तव्य दें।
इससे पहले, बैठक शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे पर संसदीय कार्य मंत्री रीजीजू ने क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा था कि हर दिन इस तरह संसद के कामकाज को बाधित करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण सत्र में लगातार व्यवधान हो रहा है। रीजीजू ने यह भी कहा था कि नेता प्रतिपक्ष हर दिन कुछ लिख कर लाते हैं और सदन में उसे पढ़ते हैं।
एक बार के स्थगन के बाद दोबारा बैठक शुरू होने पर जब सभापति ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे से अपनी बात रखने को कहा तो उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री रीजीजू की टिप्पणी का उल्लेख करते हुए कहा कि सदन में अपनी बात रखना उनका अधिकार है।
उन्होंने कहा कि कब बोलना है और क्या बोलना है, यह तय करना उनका अपना अधिकार है और इसके बारे में उन्हें अब क्या संसदीय कार्य मंत्री से पूछना होगा?
खरगे ने आसन से कहा कि गृह मंत्री को सदन में आने और स्पष्टीकरण देने के लिए कहा जाए। उन्होंने कहा, ‘‘हम चर्चा चाहते हैं।’’
सभापति ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू से गृह मंत्री को विपक्ष की भावनाओं से अवगत कराने को कहा।
हंगामे के बीच सभापति ने प्रश्नकाल चलाने का प्रयास किया लेकिन शोरगुल के कारण उन्होंने 12 बज कर 30 मिनट सदन की कार्यवाही दोपहर 2.15 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
इससे पहले, पूर्वाह्न 11 बजे सूचीबद्ध दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के तुरंत बाद सभापति राधाकृष्णन ने शून्यकाल की कार्यवाही शुरू कराई। उन्होंने सदस्यों को शून्यकाल के दौरान अपने मुद्दे उठाने के लिए आमंत्रित किया।
इसी बीच कांग्रेस तथा कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ सदस्य अपने स्थानों से आगे आ गए थे।
सभापति ने हंगामा कर रहे सदस्यों से कई बार उनकी सीटों पर लौटने का आग्रह किया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने भी विपक्ष के लगातार विरोध-प्रदर्शन पर आपत्ति जताई।
कांग्रेस सदस्यों ने मल्लिकार्जुन खरगे को बोलने की अनुमति देने की मांग की। जब सभापति ने खरगे को बोलने की अनुमति दी तो सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर 11 बजकर 25 मिनट पर दोपहर बारह बजे तक स्थगित कर दी।
संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ है और अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी और नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई सहित विभिन्न मुद्दों पर गतिरोध बने होने के कारण उच्च सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही है।
भाषा मनीषा माधव
माधव

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