नटराजन ने राज्यसभा नामांकन रद्द होने के पीछे भाजपा और निर्वाचन आयोग की मिलीभगत का आरोप लगाया

Ads

नटराजन ने राज्यसभा नामांकन रद्द होने के पीछे भाजपा और निर्वाचन आयोग की मिलीभगत का आरोप लगाया

  •  
  • Publish Date - June 21, 2026 / 07:19 PM IST,
    Updated On - June 21, 2026 / 07:19 PM IST

हैदराबाद, 21 जून (भाषा) कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन ने रविवार को आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए उनके नामांकन को खारिज कराने के लिए भाजपा और निर्वाचन आयोग ने मिलीभगत की।

तेलंगाना की कांग्रेस प्रभारी नटराजन ने यहां प्रेस वार्ता में भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए गलत मंशा से नामांकन दाखिल किया, जबकि पार्टी के पास अपने तीसरे उम्मीदवार की जीत के लिए जरूरी संख्याबल नहीं था।

कांग्रेस ने 18 जून को निर्धारित राज्यसभा चुनावों के लिए मध्य प्रदेश से नटराजन को अपना एकमात्र उम्मीदवार नामित किया था।

राज्यसभा चुनाव के निर्वाचन अधिकारी अरविंद शर्मा ने एक आदेश में यह कहते हुए नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया था कि कांग्रेस उम्मीदवार ने एक अधूरा हलफनामा जमा किया, जिसमें उनके नामांकन के साथ जमा किए गए फॉर्म 26 में अदालत में दाखिल एक शिकायत का जिक्र नहीं था।

नटराजन ने कहा कि जब राज्यसभा सीट के लिए उनकी उम्मीदवारी का ऐलान हुआ और कांग्रेस पार्टी को एकजुट देखा गया, तो भाजपा को एहसास हुआ कि वे ‘‘विधायकों की खरीद-फरोख्त’’ या ‘‘डराने-धमकाने’’ के हथकंडे नहीं अपना सकते; इसलिए उन्होंने (भाजपा) निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के साथ मिलकर ‘‘साजिश’’ रची।

नटराजन ने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी एकजुट हो गई थी, इसीलिए उन्होंने (भाजपा) मेरे चुनावी नामांकन को खारिज करवाने का फैसला किया और उसे अंजाम भी दिया।’’

उन्होंने दावा किया, ‘‘मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कहती हूं कि निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचन आयोग, सभी मिलीभगत में शामिल थे।’’

भाषा शफीक दिलीप

दिलीप