Delhi Name Change: केरल के बाद अब बदलेगा देश की राजधानी का नाम? भाजपा के ही इस सांसद ने केंद्रीय गृह मंत्री शाह से की मांग, जानिए क्या दिया नया नाम का सुझाव

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Delhi Name Change: केरल के बाद अब बदलेगा देश की राजधानी का नाम? भाजपा के ही इस सांसद ने केंद्रीय गृह मंत्री शाह से की मांग, जानिए क्या दिया नया नाम का सुझाव
Modified Date: February 25, 2026 / 04:48 pm IST
Published Date: February 25, 2026 4:06 pm IST

नई दिल्ली: Delhi Name Change: भारतीय जनता पार्टी के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ करने का आग्रह किया। खंडेलवाल का कहना है कि यह नाम शहर की सच्ची ऐतिहासिक जड़ों और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है। केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा केरल का नाम बदलकर केरलम करने की मंजूरी दिए जाने के एक दिन बाद दिल्ली के चांदनी चौक निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सदस्य ने शाह को लिखे एक पत्र में कहा कि महाभारत में इंद्रप्रस्थ को यमुना नदी के किनारे निर्मित एक भव्य शहर के रूप में वर्णित किया गया है, जो आधुनिक दिल्ली की भौगोलिक स्थिति से बिल्कुल मेल खाता है।

Delhi Name Change: खंडेलवाल ने दावा किया कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा पुराना किला में की गई खुदाई से भी इस बात की पुष्टि होती है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री को लिखे पत्र में कहा, ‘ऐतिहासिक साहित्य, पुरातात्विक खोजों और लंबे समय से चली आ रही सभ्यतागत परंपराओं से यह स्थापित होता है कि वर्तमान दिल्ली प्राचीन इंद्रप्रस्थ शहर (महाभारत में वर्णित पांडवों द्वारा स्थापित भव्य राजधानी) से मेल खाती है।’ उन्होंने बताया कि महाभारत में इंद्रप्रस्थ को यमुना नदी के किनारे निर्मित एक भव्य शहर के रूप में वर्णित किया गया है, जो आधुनिक दिल्ली की भौगोलिक स्थिति से बिल्कुल मेल खाता है।

खंडेलवाल ने दिया ये तर्क

खंडेलवाल ने तर्क दिया कि दिल्ली नाम बहुत बाद के ऐतिहासिक काल में अस्तित्व में आया। उन्होंने दावा किया कि विद्वानों का मानना ​​है कि यह नाम मध्ययुगीन संदर्भों जैसे ढिल्लिका या देहली से विकसित हुआ है, जो प्रारंभिक मध्ययुगीन काल के शासक राजवंशों से संबंधित हैं। सांसद ने कहा, ‘उपरोक्त बातों को ध्यान में रखते हुए मैं गृह मंत्रालय से विनम्रतापूर्वक आग्रह करता हूं कि वह इतिहासकारों, पुरातत्वविदों और अन्य संबंधित हितधारकों से परामर्श करने के बाद दिल्ली का नाम बदलकर इंद्रप्रस्थ करने की प्रक्रिया की जांच और कार्यान्वयन हेतु एक औपचारिक प्रक्रिया शुरू करे।’


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।