National Dental Commission: केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, ‘डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया’ भंग, इस नए कमीशन का किया गया गठन

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National Dental Commission Constituted: केंद्र सरकार ने डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया भंग कर नेशनल डेंटल कमीशन बनाया, शिक्षा और नियमन में सुधार की पहल

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  • Publish Date - March 20, 2026 / 11:20 PM IST,
    Updated On - March 20, 2026 / 11:21 PM IST

National Dental Commission Constituted || Image- ANI File

HIGHLIGHTS
  • डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया भंग
  • नेशनल डेंटल कमीशन का गठन
  • शिक्षा और नियमन में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली: दंत चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और इसे वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के मकसद से केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। (National Dental Commission Constituted) सरकार ने डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (डीसीआई) को समाप्त कर उसकी जगह राष्ट्रीय दंत आयोग (एनडीसी) और तीन स्वायत्त बोर्डों का गठन किया है। इस संबंध में अधिसूचनाएं 19 मार्च 2026 को जारी की गईं और नई व्यवस्था उसी दिन से लागू हो गई।

जानें क्या है इस निर्णय का मकसद

सरकार की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह सुधार एक पारदर्शी, गुणवत्ता-आधारित और जवाबदेह नियामक ढांचे की दिशा में बड़ा बदलाव है। इससे पहले की निर्वाचित प्रणाली को समाप्त कर अब नई संरचना लागू की गई है। आयोग का उद्देश्य दंत चिकित्सा शिक्षा में लंबे समय से लंबित सुधारों को लागू करना और देशभर में किफायती मौखिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना है।

आयोग के कार्यों में सहयोग के लिए तीन स्वायत्त बोर्डों का गठन किया गया है। इनमें स्नातक और स्नातकोत्तर दंत शिक्षा बोर्ड, दंत मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड और नैतिकता एवं दंत पंजीकरण बोर्ड शामिल हैं। ये बोर्ड क्रमशः शिक्षा की निगरानी, संस्थानों की मान्यता और मूल्यांकन तथा दंत चिकित्सकों के आचरण और पंजीकरण को नियंत्रित करेंगे।

डॉ. संजय तिवारी के NDC के अध्यक्ष

एनडीसी के अध्यक्ष के रूप में डॉ. संजय तिवारी को नियुक्त किया गया है, जबकि डॉ. मौसमी गोस्वामी को अंशकालिक सदस्य बनाया गया है। (National Dental Commission Constituted) स्नातक एवं स्नातकोत्तर दंत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर जनकिराम होंगे। उनके साथ डॉ. शैलेश माधव लेले पूर्णकालिक सदस्य और डॉ. नागराज एम अंशकालिक सदस्य के रूप में नियुक्त किए गए हैं।

दंत मूल्यांकन एवं रेटिंग बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल नंदा किशोर साहू को जिम्मेदारी दी गई है। इस बोर्ड में डॉ. हिमांशु ऐरन पूर्णकालिक सदस्य और डॉ. परिमाला त्यागी अंशकालिक सदस्य होंगी। वहीं नैतिकता एवं दंत पंजीकरण बोर्ड में लेफ्टिनेंट जनरल तापस कुमार बंद्योपाध्याय और डॉ. उषा हेगड़े को पूर्णकालिक सदस्य तथा डॉ. स्वर्ग ज्योति दास को अंशकालिक सदस्य नियुक्त किया गया है।

अरिंदम मोदक आयोग के सचिव नियुक्त

इसके अलावा अरिंदम मोदक को आयोग का सचिव बनाया गया है, जो सचिवालय का नेतृत्व करेंगे। (National Dental Commission Constituted) आयोग दंत संस्थानों का मूल्यांकन, मानव संसाधनों का आकलन, दंत अनुसंधान को बढ़ावा देने और निजी दंत कॉलेजों की फीस के नियमन के लिए दिशा-निर्देश तैयार करेगा। साथ ही सामुदायिक दंत चिकित्सा, शिक्षा, अनुसंधान और पेशेवर नैतिकता के लिए मानक भी तय करेगा।

विज्ञप्ति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 19 मार्च 2026 से एनडीसी अधिनियम लागू होने के साथ ही दंत चिकित्सक अधिनियम 1948 निरस्त हो गया है और उसी तारीख से डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया को भंग कर दिया गया है।

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1. सरकार ने डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया को क्यों भंग किया?

डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया को पारदर्शिता और गुणवत्ता सुधार के लिए भंग किया गया।

2. नेशनल डेंटल कमीशन का उद्देश्य क्या है?

नेशनल डेंटल कमीशन का उद्देश्य शिक्षा, नियमन और सस्ती सेवाओं को बेहतर बनाना है।

3. नए सिस्टम में कौन-कौन से बोर्ड बनाए गए हैं?

तीन बोर्ड बनाए गए हैं- शिक्षा, मूल्यांकन और नैतिकता व पंजीकरण से जुड़े अलग-अलग बोर्ड।