नयी दिल्ली, सात जून (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस)-6 की ‘फैक्ट शीट’ में जिन संकेतकों को छोड़ दिया गया है, उनकी निगरानी विशेष राष्ट्रीय सर्वेक्षणों और प्रशासनिक डेटाबेस के जरिए की जा रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा की गई आलोचना के बाद यह बयान आया, जिन्होंने हाल ही में जारी ‘एनएफएचएस-6 फैक्ट शीट’ से कुछ खास स्वास्थ्य और पोषण संकेतकों को हटाने पर सवाल उठाया था तथा आरोप लगाया था कि आंकड़े सरकार की स्वास्थ्य और पोषण नीतियों में कमियों को दिखाते हैं।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि ‘फैक्ट शीट’ सिर्फ पहला चरण दिखाती हैं और इसमें 101 बड़े संकेतक शामिल हैं, जिनका मकसद भारत की सबसे जरूरी स्वास्थ्य और जनसांख्यिकीय प्रवृत्तियों की एक छोटी सी बानगी पेश करना है।
उन्होंने कहा, ‘‘फैक्ट शीट पहला चरण हैं। विस्तृत राष्ट्रीय रिपोर्ट एक बहुत बड़ी तस्वीर पेश करेगी।’’
मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि इसे बाद में संकेतकों की एक बहुत बड़ी शृंखला, विस्तृत विश्लेषण और प्रणालीगत दस्तावेजों के साथ जारी किया जाएगा।
कुछ संकेतकों की कमी पर चिंता जताते हुए, अधिकारियों ने कहा कि इसका मकसद भारत के बढ़ते सांख्यिकीय तंत्र में तालमेल को बेहतर बनाना है।
भाषा वैभव नेत्रपाल
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