लक्षद्वीप के पांच द्वीपों में नौसेना ने शुरू किया व्यापक चिकित्सा शिविर

लक्षद्वीप के पांच द्वीपों में नौसेना ने शुरू किया व्यापक चिकित्सा शिविर

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  • Publish Date - January 14, 2026 / 07:45 PM IST,
    Updated On - January 14, 2026 / 07:45 PM IST

नयी दिल्ली, 14 जनवरी (भाषा) दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक पहुंच बनाने की सरकार की प्राथमिकता के अनुरूप भारतीय नौसेना लक्षद्वीप के पांच रणनीतिक द्वीपों में रहने वाले लोगों को व्यापक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पांच-दिवसीय चिकित्सा शिविर का आयोजन कर रही है।

नौसेना के अनुसार, अमीनी, अंद्रोथ, अगत्ती, कवरत्ती और मिनिकॉय द्वीपों में लोगों को चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए नौसेना, थलसेना और वायुसेना के 29 चिकित्सा अधिकारी, दो नर्सिंग अधिकारी और 42 पैरामेडिकल कर्मियों को तैनात किया गया है।

चिकित्सा दल में हृदय रोग विशेषज्ञ, नेत्र रोग, अंत:स्त्राव विज्ञान (एंडोक्रायनोलॉजी), जठरांत्र विज्ञान (गैस्ट्रोएंटरोलॉजी), त्वचा रोग विशेषज्ञ एवं कान-नाक-गला (ईएनटी) सहित विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ शामिल हैं।

कवरत्ती में मोतियाबिंद सर्जरी करने के लिए एक समर्पित नेत्र चिकित्सा दल भी तैनात किया गया है।

नौसेना ने बताया कि इस पहल के तहत निवासियों को ऐसे शल्य उपचार भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनके लिए उन्हें विभिन्न अस्पतालों के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं।

नौसेना ने बताया कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस परिकल्पना के अनुरूप है, जिसके तहत देश के सबसे दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों सहित सभी को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित की जानी है।

चिकित्सा शिविर का औपचारिक उद्घाटन मंगलवार को नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा, “लक्षद्वीप और मिनिकॉय द्वीप अरब सागर में भारत के दक्षिणी प्रहरी हैं। ये दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री मार्गों पर नजर रखते हैं, जिनसे प्रतिदिन वैश्विक व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है।”

नौसेना प्रमुख ने कहा कि भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए लक्षद्वीप का रणनीतिक महत्व अत्यंत अहम है।

भाषा

राखी सुरेश

सुरेश