एनसीडब्ल्यू ने ठाणे के आश्रम स्कूल में आदिवासी लड़कियों के उत्पीड़न की जांच की मांग की

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एनसीडब्ल्यू ने ठाणे के आश्रम स्कूल में आदिवासी लड़कियों के उत्पीड़न की जांच की मांग की

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  • Publish Date - September 3, 2026 / 09:05 PM IST,
    Updated On - September 3, 2026 / 09:05 PM IST

नयी दिल्ली, तीन सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने महाराष्ट्र के ठाणे जिले के एक आदिवासी आश्रम स्कूल में रसोई सहायक द्वारा 22 नाबालिग छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न का स्वत: संज्ञान लिया है।

एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर मामले की जल्द और व्यापक जांच, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता के तहत कड़ी कार्रवाई और संस्थागत स्तर पर हुई गंभीर चूकों की जांच की मांग की है।

आयोग ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘रिपोर्ट के अनुसार आरोपी को 2024 में इसी तरह के अपराध के मामले में पॉक्सो के तहत पहले भी गिरफ्तार किया गया था और बाद में उसे किसी अन्य संस्थान में तैनात कर दिया गया। यह बेहद चिंताजनक है और जवाबदेही तय किए जाने की जरूरत है।’’

आयोग ने जिम्मेदार सभी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, पीड़िताओं की पहचान की सुरक्षा और उन्हें तत्काल चिकित्सकीय, मनोवैज्ञानिक तथा कानूनी सहायता देने के साथ मुआवजा देने की मांग की है।

एनसीडब्ल्यू ने कहा कि सात दिन के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट तलब की गई है। आयोग ने कहा, ‘‘हर बच्चे की सुरक्षा, गरिमा और अधिकारों की बिना किसी समझौते के रक्षा की जानी चाहिए।’’

एक अधिकारी ने बताया कि ठाणे के शाहपुर स्थित सरकारी आश्रम स्कूल में रसोइये को पिछले महीने 22 नाबालिग छात्राओं से कथित छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

शाहपुर के एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना की प्रभारी तेजस्विनी आर. गलांडे ने बताया कि आरोपी गणपत गवली आदतन अपराधी था और उस पर आघई के एक आश्रम स्कूल में भी इसी तरह के अपराध का आरोप लगा था।

उन्होंने कहा, ‘‘गवली की सेवानिवृत्ति में सिर्फ 10 महीने बचे थे और वह आदतन अपराधी था। उसके खिलाफ पहले आघई के एक अन्य आश्रम स्कूल में पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था और उसे उस समय निलंबित भी किया गया था। फिलहाल यह पता नहीं है कि उसे किसने और कैसे बहाल किया।’’

शाहपुर के स्कूल की नाबालिग छात्राओं ने 24 अगस्त को पहली बार अधिकारियों से शिकायत की थी। इसके बाद अधीक्षक ने मामले को प्रधानाचार्य के पास भेजा, जिन्होंने तत्काल आदिवासी विकास विभाग को पत्र लिखा।

अधिकारी ने बताया कि शाहपुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

भाषा राखी माधव

माधव

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