नयी दिल्ली, छह मई (भाषा) राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक नाबालिग लड़की का उसके पिता और चाचा द्वारा कथित यौन शोषण करने के मामले में बुधवार को स्वतः संज्ञान लिया।
एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को इस मामले में तत्काल, सख्त और समयबद्ध कार्रवाई करने और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
आयोग ने एक बयान में कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक नाबालिग लड़की से उसके पिता और चाचा द्वारा कथित तौर पर लगातार यौन शोषण करने की घटना अत्यंत गंभीर है और इसपर आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है।’’
इस ‘जघन्य’ घटना की कड़ी निंदा करते हुए आयोग ने कहा कि विश्वास का ऐसा गंभीर उल्लंघन न केवल पीड़ित को गहरा शारीरिक और मानसिक आघात पहुंचाता है, बल्कि घर जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थानों में बच्चों की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
आयोग ने प्राथमिकी दर्ज करने की स्थिति, आरोपी की गिरफ्तारी, पीड़िता की चिकित्सा जांच और उसकी सुरक्षा, निजता, परामर्श, पुनर्वास और मुआवजे के लिए उठाए गए कदमों के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी है।
बयान के मुताबिक राज्य पुलिस को सात दिन के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया है।
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक 14 वर्षीय एक लड़की ने आरोप लगाया है कि कई महीनों तक उसके चाचा और बाद में उसके पिता ने उसका बार-बार यौन उत्पीड़न किया। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
भाषा धीरज आशीष
आशीष