राजग शासन ने असम को ‘हिंसा के केंद्र’ से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के केंद्र में बदल दिया: शाह

राजग शासन ने असम को 'हिंसा के केंद्र' से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के केंद्र में बदल दिया: शाह

राजग शासन ने असम को ‘हिंसा के केंद्र’ से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के केंद्र में बदल दिया: शाह
Modified Date: May 12, 2026 / 06:45 pm IST
Published Date: May 12, 2026 6:45 pm IST

गुवाहाटी, 12 मई (भाषा) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के 10 वर्षों में असम ‘हिंसा के केंद्र’ से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और विकास के केंद्र में बदल गया है।

यहां मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेते हुए शाह ने कहा कि लोग भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को उसकी उपलब्धियों के शानदार रिकॉर्ड के कारण बार-बार चुनते हैं।

शाह ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “पिछले 10 वर्षों में, असम हिंसा के केंद्र से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और विकास के केंद्र में बदल गया है।”

पूर्वोत्तर राज्य कई दशकों तक उग्रवादी गतिविधियों से प्रभावित रहा।

उन्होंने कहा कि राजग सरकार ने विकास और सुरक्षा की एक मजबूत नींव रखी है, जिस पर अब प्रगति की एक भव्य इमारत खड़ी की जाएगी।

केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने कहा, “भाजपा के नेतृत्व वाले राजग को लगातार तीसरी बार चुनकर असम की जनता ने यह साबित कर दिया है कि भाजपा-राजग सरकारें भरोसे की सरकारें हैं… ऐतिहासिक जनादेश के लिए मैं असम की जनता को नमन करता हूं।”

उन्होंने शर्मा और नव-नियुक्त मंत्रियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार असम की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

शर्मा ने शाह की शुभकामनाओं और आशीर्वाद के लिए आभार जताया और शपथ ग्रहण समारोह में उनकी उपस्थिति की सराहना की। उन्होंने कहा, “आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व और आपके सहयोग से हमारी सरकार असम की जनता को सुशासन प्रदान करती रहेगी।”

इससे पहले दिन में, असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने शर्मा को मुख्यमंत्री पद और नये मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

शर्मा के अलावा, चार विधायकों – भाजपा के रामेश्वर तेली और अजंता नियोग, असम गण परिषद के अतुल बोरा और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के चरण बोरो – ने मंत्री पद की शपथ ली।

भाषा अमित माधव

माधव


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