राजग तमिलनाडु का नाम बदलकर दक्षिण प्रदेश करने से भी नहीं हिचकेगा: स्टालिन

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राजग तमिलनाडु का नाम बदलकर दक्षिण प्रदेश करने से भी नहीं हिचकेगा: स्टालिन

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  • Publish Date - April 1, 2026 / 08:07 PM IST,
    Updated On - April 1, 2026 / 08:07 PM IST

(तस्वीरों के साथ)

तिरुचिरापल्ली, एक अप्रैल (भाषा) द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने बुधवार को आरोप लगाया कि अगर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) तमिलनाडु में सत्ता में आता है, तो वह उसका नाम बदलकर दक्षिण प्रदेश करने से भी नहीं हिचकेगा।

स्टालिन ने तमिलनाडु में 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के सिलसिले में यहां एक जनसभा में कहा कि ऐसी स्थिति को रोकने के लिए पूरे राज्य को अन्नाद्रमुक-भाजपा गठबंधन के खिलाफ एकजुट हो जाना चाहिए ।

उन्होंने मुख्य विपक्षी दल अन्नाद्रमुक के दामन पर संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के विरोध प्रदर्शनों में मारे गए लोगों के खून के दाग लगे होने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि अन्नाद्रमुक ने राज्यसभा में सीएए का समर्थन किया, जिससे पीएमके के साथ मिलकर इसे पारित करने में मदद मिली।

उन्होंने कहा कि जब इस अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हुए, तो ‘हजारों लोगों पर हमले हुए’ और लगभग 70 लोग मारे गए। उन्होंने दावा किया कि ‘अन्नाद्रमुक के हाथों पर खून के दाग हैं।’

स्टालिन ने कहा कि विपक्ष के नेता पलानीस्वामी ने तीनों कृषि कानूनों का समर्थन करते हुए उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले आठ राज्यों के किसानों का ‘अपमान’ किया और किसानों को ‘दलाल’ कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के साथ गठबंधन करके पलानीस्वामी पूरी तरह से ‘संघी’ (आरएसएस सदस्य) बन गए हैं।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पलानीस्वामी का कहना है कि अन्नाद्रमुक गठबंधन में कोई समस्या नहीं है, फिर भी उन्होंने दिल्ली की कई यात्राएं कीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के लिए कई घंटों तक इंतजार किया, गाड़ियां बदलीं और अपना चेहरा छिपाया।

स्टालिन ने आरोप लगाया, ‘पलानीस्वामी कहते हैं कि अन्नाद्रमुक गठबंधन का नेतृत्व कर रही है, जबकि छोटी पार्टियां अन्नाद्रमुक के चुनाव चिन्ह पर नहीं बल्कि भाजपा के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ रही हैं। क्या (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी ने कभी पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बताया है? वह सिर्फ राजग सरकार की बात करते हैं, एआईएडीएमके का नाम तक नहीं लेते।’’

स्टालिन ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री अक्सर यह दावा करते हैं कि द्रमुक ने अपने वादे पूरे नहीं किए हैं, जबकि मैं हर उपलब्धि को आंकड़ों के साथ समझाता हूं। हमारी योजनाओं के कई लाभार्थी नियमित रूप से मीडिया के माध्यम से अपने अनुभव साझा करते हैं। अगर प्रधानमंत्री, जो हमेशा दौरे पर रहते हैं, जनता से पूछते भी, तो वे द्रविड़ मॉडल की योजनाओं का एक-एक करके विवरण दे देते। या तो उनके पास तमिलनाडु को जानने का समय नहीं है, या फिर उन्हें इसे समझने में कोई दिलचस्पी नहीं है।’’

द्रमुक प्रमुख ने प्रधानमंत्री मोदी से अनुरोध किया कि वह एक सप्ताह के लिए तमिलनाडु में रुकें और स्वयं देखें कि यह पार्टी किस प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही है।

स्टालिन ने कहा, ‘‘अगर भाजपा और उसका चाटुकार गठबंधन सत्ता में आते हैं, तो उनकी बुराइयां हमारी कल्पना से परे होंगी। तमिलनाडु को तमिलनाडु ही रहना चाहिए। इसे उत्तर प्रदेश या मणिपुर की तरह हिंसा का देश नहीं बनना चाहिए।’’

उन्होंने दावा किया कि ‘‘अगर वे (राजग के दल) सत्ता में आते हैं, तो वे तमिलनाडु का नाम बदलकर दक्षिण प्रदेश करने में भी संकोच नहीं करेंगे।’’

भाषा

राजकुमार नरेश

नरेश