ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी में जुटा एनडीएमसी, चौबीस घंटे सफाई समेत कई चीजों पर रहेगा ध्यान

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी में जुटा एनडीएमसी, चौबीस घंटे सफाई समेत कई चीजों पर रहेगा ध्यान

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी में जुटा एनडीएमसी, चौबीस घंटे सफाई समेत कई चीजों पर रहेगा ध्यान
Modified Date: August 24, 2026 / 05:18 pm IST
Published Date: August 24, 2026 5:18 pm IST

नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए व्यापक तैयारियों की योजना बनाई है जिसके तहत एनडीएमसी क्षेत्र में चौबीस घंटे सफाई, कड़ी निगरानी, सड़कों की मरम्मत और बड़े स्तर पर सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

एनडीएमसी के अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी ने सोमवार को बताया कि योजना के तहत 41 प्रमुख सड़कों को 14 सर्किल में बांटा गया है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक सर्किल के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है जो रोजाना निरीक्षण करके नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का तुरंत समाधान सुनिश्चित करेगा।

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत 12-13 सितंबर को भारत में यह सम्मेलन आयोजित किया जाना है। ब्रिक्स के 18वें शिखर सम्मेलन में इसके सदस्य ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका तथा अन्य देश हिस्सा लेंगे।

परिषद ने फूलों से सजावट के लिए 15 स्थान, फूलों के फव्वारों के लिए नौ स्थान और विशेष रोशनी एवं सौंदर्यीकरण के लिए 17 गोल चक्कर चिन्हित किए हैं। कई अन्य प्रमुख स्थानों को भी विशेष सफाई और रखरखाव के लिए चुना गया है। हालांकि सुरक्षा कारणों से इनके बारे में जानकारी नहीं दी गई है।

एक बयान के अनुसार, नौ से 14 सितंबर तक विशेष सफाई व्यवस्था की जाएगी जिसके तहत अतिरिक्त कर्मचारियों और रात की ड्यूटी के लिए टीमों की तैनाती की जाएगी।

मशीनों से सफाई करने वाली गाड़ियां, झाड़ू से सफाई करने वाली टीम, अस्थायी कूड़ेदान और अस्थायी शौचालय लगाए जाएंगे। प्रमुख इलाकों से आवारा जानवरों को भी हटाया जाएगा।

नगर निकाय सम्मेलन से जुड़े इलाकों में सफाई और नागरिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए होटल, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और बाजार के दुकानदारों के साथ भी काम करेगा।

एनडीएमसी गड्ढों और फुटपाथों की मरम्मत भी करेगा, रेलिंग और सड़क संकेतकों का रखरखाव करेगा, मलबा हटाएगा और पानी की उचित निकासी सुनिश्चित करेगा। चिन्हित इलाकों में सार्वजनिक शौचालयों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा।

भाषा जोहेब नरेश

नरेश


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