नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को नीट परीक्षा के पेपर लीक मामले में कोचिंग सेंटर के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर की सीबीआई हिरासत को एक दिन के लिए बढ़ा दिया।
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने हिरासत की अवधि बढ़ा दी। एजेंसी ने अदालत को बताया कि अन्य सह-आरोपियों से आमना-सामना कराने, महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद करने और आरोपी की भूमिका स्थापित करने के लिए आगे की हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।
रेणुकाई करियर सेंटर के संस्थापक मोटेगांवकर को 17 मई की शाम को लातूर में गिरफ्तार किया गया था और अदालत ने अगले दिन उन्हें नौ दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया था।
सीबीआई ने अपने हिरासत आवेदन में कहा था, “वह नीट-स्नातक परीक्षा 2026 के प्रश्न पत्रों के लीक होने और प्रसारित होने में शामिल है और अन्य आरोपियों के साथ साजिश रचकर उसने परीक्षा से पहले यानी 23 अप्रैल, 2026 को रसायन विज्ञान के प्रश्न और उत्तर प्राप्त कर लिए थे।”
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मोटेगांवकर गिरफ्तार होने वाले दसवें व्यक्ति थे।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने 12 मई को फैसला लिया कि तीन मई को चिकित्सा स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिये आयोजित की गयी राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक होने के आरोपों के कारण स्थगित किया जाए। पुन: परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।
भाषा प्रशांत पवनेश
पवनेश