नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को मंगलवार को ‘‘जनविरोधी’’ कदम करार दिया और आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार जनहित के बजाय कॉर्पोरेट हित को प्राथमिकता दे रही है।
भाकपा महासचिव डी राजा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट कर कहा कि पिछले 10 दिनों में ईंधन कीमतों में चार बार बढ़ोतरी की गई, जिससे जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
राजा ने कहा, ‘‘पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी एक बार फिर मोदी सरकार के जनविरोधी और कॉर्पोरेट हितैशी चरित्र को उजागर करती है।’’
भाकपा नेता का कहना है कि बढ़ोतरी से परिवहन लागत, खाद्य कीमतें, कृषि व्यय, सार्वजनिक परिवहन किराये और जीवनयापन की कुल लागत में वृद्धि के साथ अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा।
उन्होंने पश्चिम एशिया में तनाव के लिए मौजूदा मूल्य वृद्धि को जिम्मेदार ठहराने के लिए भी सरकार की आलोचना की और कहा कि संकट को केवल भू-राजनीतिक घटनाक्रम से नहीं जोड़ा जा सकता।
राजा ने कहा, ”सरकार अब अपनी सुविधा के अनुसार बहाने के रूप में पश्चिम एशियाई संघर्ष का नाम ले रही है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि आर्थिक कुप्रबंधन, कमजोर होता रुपया और बढ़ती आयात निर्भरता ने भी इस स्थिति में योगदान दिया है।
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