नीट पेपर लीक: छात्रों पर ‘अत्यधिक बल प्रयोग’ के इस्तेमाल के खिलाफ राजद सांसद पहुंचे न्यायालय

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नीट पेपर लीक: छात्रों पर 'अत्यधिक बल प्रयोग' के इस्तेमाल के खिलाफ राजद सांसद पहुंचे न्यायालय

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  • Publish Date - July 27, 2026 / 08:10 PM IST,
    Updated On - July 27, 2026 / 08:10 PM IST

नयी दिल्ली, 27 जुलाई (भाषा) राज्यसभा सदस्य मनोज कुमार झा ने नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस के कथित अत्यधिक बल प्रयोग के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने का अनुरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने अधिवक्ता फौजिया शकील द्वारा मामले का तत्काल उल्लेख किए जाने के बाद इस याचिका को मंगलवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई।

शकील ने कहा, ‘‘हमने बिहार में हुई गोलीबारी सहित सभी तथ्यों और घटनाओं का विस्तृत ब्योरा देते हुए याचिका दायर की है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर एके-47 का इस्तेमाल किया।

पीठ ने कहा कि परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर देशभर में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ पुलिस के कथित अत्यधिक बल प्रयोग से संबंधित सभी याचिकाओं पर मंगलवार को एक साथ सुनवाई की जाएगी।

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) द्वारा नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में आहूत बिहार बंद के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हिंसा भड़क गई। इस दौरान सीवान जिले में पुलिस की गोलीबारी में तीन प्रदर्शनकारी घायल हो गए।

अपनी याचिका में मनोज कुमार झा ने उच्चतम न्यायालय से 20 से 25 जुलाई के बीच दिल्ली के जंतर मंतर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कथित बर्बरता और बल प्रयोग के आरोपों पर प्राथमिकी दर्ज करने का राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश देने का अनुरोध किया है।

याचिका में झा ने यह भी अनुरोध किया है कि संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित कर मामले की जांच कराई जाए। उन्होंने आग्रह किया है कि एसआईटी में राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हों तथा उसमें पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) या उससे ऊपर के पद की दो वरिष्ठ महिला आईपीएस अधिकारियों को भी शामिल किया जाए।

झा ने अनुरोध किया कि इस जांच की निगरानी उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की देखरेख में कराई जाए और जांच तीन महीने के भीतर पूरी की जाए।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सदस्य झा की यह याचिका उस छात्र आंदोलन के बाद दायर की गई है, जिसका नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर किया था। आंदोलन में शिक्षा व्यवस्था में सुधार, तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत कई अन्य मांगें उठाई गई थीं।

प्रधान के इस्तीफे और नवगठित संगठन की अन्य प्रमुख मांगें केंद्र सरकार द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद कॉजपा ने 25 जुलाई को अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।

भाषा आशीष नेत्रपाल

नेत्रपाल