नीट प्रश्नपत्र लीक: प्रवेश परीक्षाओं के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा ढांचा तैयार कर रहा है केंद्र

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नीट प्रश्नपत्र लीक: प्रवेश परीक्षाओं के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा ढांचा तैयार कर रहा है केंद्र

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  • Publish Date - September 30, 2026 / 04:46 PM IST,
    Updated On - September 30, 2026 / 04:46 PM IST

(गुंजन शर्मा)

नयी दिल्ली, 30 सितंबर (भाषा) शिक्षा मंत्रालय प्रवेश परीक्षाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) ढांचे की रणनीति तैयार कर रहा है, ताकि कागज-कलम के माध्यम से होने वाली नीट प्रवेश परीक्षा को ऑनलाइन माध्यम से सुचारू रूप से आयोजित किया जा सके। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

इस साल की शुरुआत में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद केंद्र ने घोषणा की थी कि अगले वर्ष से चिकित्सा प्रवेश परीक्षा सीबीटी माध्यम से आयोजित की जाएगी।

घटनाक्रम से अवगत अधिकारियों ने बताया कि योजना पर सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है, लेकिन अंतिम निर्णय नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाले कार्यबल की रिपोर्ट मिलने के बाद ही लिया जाएगा।

यह कार्यबल भारत की सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार के लिए गठित किया गया है।

अब तक नीट प्रवेश परीक्षा कागज-कलम माध्यम से आयोजित होती रही है। वहीं, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई-मेन और सामान्य विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा (सीयूईटी) समेत कई अन्य परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित माध्यम से आयोजित करती है।

सूत्रों ने बताया कि बुनियादी ढांचे की रणनीति तैयार होने के बाद सभी प्रवेश परीक्षाओं को ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने की योजना है।

शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता में भौगोलिक अंतर को कम करने, केंद्रीय स्तर पर परीक्षा-ग्रेड मानकों को एकरूप बनाने और कागज-कलम माध्यम वाली परीक्षाओं को सीबीटी में बदलने के लिए बुनियादी ढांचे से जुड़ी रणनीति तैयार की जा रही है। विभिन्न स्रोतों पर आधारित मॉडल के तहत इस रणनीति पर सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है।’’

यह कदम एनटीए में जारी व्यापक सुधार के बीच उठाया गया है। एनटीए एक स्वायत्त निकाय है जो नीट-यूजी और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए अन्य परीक्षाएं आयोजित करता है।

अधिकारी ने कहा, ‘‘कागज-कलम (ऑफलाइन) मोड से सीबीटी (कंप्यूटर आधारित परीक्षा) मोड में नीट (यूजी) के संभावित बदलाव पर काम किया जा रहा है, जिसमें इस बदलाव की रूपरेखा, चरणबद्ध प्रक्रिया, बुनियादी ढांचे की पूर्व-आवश्यकताएं और ग्रामीण, महिला तथा कम कनेक्टिविटी वाले जिलों के उम्मीदवारों के लिए इसके निष्पक्षता/समानता से जुड़े असर शामिल हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, स्वास्थ्य मंत्रालय और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के साथ संरचित परामर्श और सहमति के आधार पर परीक्षा सुधारों से संबंधित उच्च स्तरीय कार्यबल की सिफारिशों का अभी इंतजार है।’’

इस साल की शुरुआत में नीट-यूजी प्रवेश परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। प्रश्न पत्र लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के बाद तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था।

प्रधान के इस्तीफे के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार प्राप्त कार्यबल के गठन की घोषणा की थी जो परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सिफारिशें देगा।

इस कार्यबल ने अभी अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है।

भाषा वैभव माधव

माधव