NEET-UG 2026 Examination News: जिस मामले में हुई थी देशभर में केंद्र की किरकिरी, अब उसपर सीधे PM मोदी खुद रखेंगे नजर.. पढ़ें एजेंसी का सुप्रीम कोर्ट को जवाब..

Ads

NEET-UG 2026 Examination News: सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG परीक्षा व्यवस्था सुधार और NTA की जवाबदेही पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा।

  •  
  • Publish Date - May 29, 2026 / 06:56 PM IST,
    Updated On - May 29, 2026 / 06:59 PM IST

NEET-UG 2026 Examination News || Image- IBC24 News Symbolic

HIGHLIGHTS
  • सुप्रीम कोर्ट ने NEET परीक्षा सुधारों पर केंद्र से हलफनामा मांगा।
  • पीएम मोदी खुद NEET व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।
  • कोर्ट ने NTA में जवाबदेही मजबूत करने पर जोर दिया।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने NEET-UG परीक्षा को लेकर केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से जवाब मांगा है। कोर्ट ने शिक्षा मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वह एक अलग हलफनामा दाखिल कर बताए कि हर साल NEET परीक्षा को बेहतर और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए क्या स्थायी व्यवस्था बनाई जा रही है। (NEET-UG 2026 Examination News) जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने कहा कि NTA में विशेषज्ञों और प्रशिक्षित अधिकारियों की ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे भविष्य में NEET 2024 और 2026 जैसी विवादित घटनाएं दोबारा न हों। कोर्ट ने छह हफ्ते के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े

“फिर गलती कैसे हुई?” कोर्ट ने पूछा सवाल

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि इस पूरे मामले की निगरानी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं। इस पर कोर्ट ने सवाल किया कि जब लगातार बैठकें और निगरानी हो रही थीं, तो फिर ऐसी गड़बड़ियां कैसे हुईं। हाई पावर कमेटी के अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन और NTA की ओर से बताया गया कि समिति ने करीब 60 सुझाव दिए थे, जिनमें से कई लागू कर दिए गए हैं। बाकी सुधार भी जल्द लागू किए जाएंगे। लेकिन कोर्ट ने कहा कि या तो मूल सुझावों में कमी थी या फिर निगरानी सही तरीके से नहीं हुई।

“जवाबदेही तय होना जरूरी”

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि NTA में जवाबदेही की व्यवस्था अभी मजबूत नहीं है। (NEET-UG 2026 Examination News) कोर्ट ने कहा कि यह तय होना चाहिए कि जिम्मेदारी किस अधिकारी की है। कोर्ट ने यह भी कहा कि केवल व्यक्तियों पर नहीं, बल्कि पूरे संस्थान की व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है ताकि किसी व्यक्ति के आने-जाने से सिस्टम प्रभावित न हो।

छात्रों पर पड़ता है मानसिक असर

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि परीक्षा विवादों का छात्रों और उनके परिवारों पर गहरा मानसिक असर पड़ता है। कोर्ट ने कहा कि छात्र कई साल मेहनत करते हैं और परिवार भी भावनात्मक रूप से जुड़े होते हैं। इसलिए परीक्षा प्रणाली पूरी तरह भरोसेमंद और मजबूत होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले की अगली सुनवाई जुलाई के दूसरे हफ्ते में करेगा।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें

इन्हें भी पढ़ें:

नेतन्याहू ने वैश्विक आलोचना के बीच इजराइल के लिए भारत के ‘जबरदस्त प्रेम’ का उल्लेख किया

उच्चतम न्यायालय की मंजूरी के बाद एशियाई खेलों 2026 के चयन ट्रायल्स में हिस्सा लेंगी विनेश फोगाट

वित्तीय संस्थानों में बीते वित्त वर्ष 48,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के 10,000 से अधिक मामले दर्ज

लंबित दाखिल-खारिज आवेदन 15 दिनों में निपटाएं : बिहार के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल

मैनपुरी में स्लीपर बस की ट्रक से टक्कर में दो की मौत, 35 घायल

FAQ 1: प्रश्न: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से क्या मांगा है?

उत्तर: कोर्ट ने NEET परीक्षा सुधारों पर अलग हलफनामा दाखिल करने को कहा है।

FAQ 2: प्रश्न: NEET मामले की निगरानी कौन कर रहा है?

उत्तर: सॉलिसिटर जनरल के अनुसार मामले की निगरानी खुद पीएम मोदी कर रहे हैं।

FAQ 3: प्रश्न: सुप्रीम कोर्ट ने NTA को लेकर क्या कहा?

उत्तर: कोर्ट ने NTA में मजबूत जवाबदेही और स्थायी व्यवस्था की जरूरत बताई।