कड़ी सुरक्षा के बीच देश और विदेशों में नीट-यूजी पुनर्परीक्षा जारी

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कड़ी सुरक्षा के बीच देश और विदेशों में नीट-यूजी पुनर्परीक्षा जारी

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  • Publish Date - June 21, 2026 / 05:10 PM IST,
    Updated On - June 21, 2026 / 05:10 PM IST

नयी दिल्ली, 21 जून (भाषा) देश और विदेशों में बनाए गए केंद्रों पर नीट-यूजी की पुनर्परीक्षा रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच जारी है।

प्रश्नपत्र लीक होने के कारण तीन मई को हुई परीक्षा रद्द किए जाने के बाद राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) आज फिर से नीट-यूजी 2026 परीक्षा का आयोजन कर रही है।

पुनर्परीक्षा अपराह्न दो बजे शुरू हुई जो शाम 5.15 बजे तक चलेगी। दिव्यांग अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए शाम 6:20 बजे तक अनुमति दी जाएगी।

एनटीए के अनुसार, 95,000 से अधिक परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है।

अधिकारियों ने बताया कि कुल 1,38,560 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी निगरानी राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर ऑनलाइन तरीके से की जा रही है।

उन्होंने कहा कि यह परीक्षा भारत के 551 शहरों में 5,440 केंद्रों और विदेश में 14 केंद्रों पर आयोजित की जा रही है।

अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए 51,311 जैमर लगाए गए हैं।

अभ्यर्थियों और उनके परिजनों ने परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में आने वाली यात्रा संबंधी कठिनाइयों को उठाया।

भोपाल में दो अभ्यर्थियों को देर से पहुंचने के कारण परीक्षा केंद्र में प्रवेश से वंचित कर दिया गया। अभ्यर्थियों में से एक के चाचा आमिर कादरी ने कहा, ‘‘मैं अपने भतीजे के साथ उसकी परीक्षा के लिए यहां आया हूं। परीक्षा केंद्र जाते समय हम दुर्घटना का शिकार हो गए और हमें थोड़ी देर हो गई, क्योंकि मेरे भतीजे को प्राथमिक उपचार दिया गया। अब जब हम यहां पहुंच चुके हैं, तो हमें प्रवेश से वंचित किया जा रहा है। अधिकारी कह रहे हैं कि परीक्षा शुरू हो चुकी है और हमें प्रवेश की अनुमति देना संभव नहीं होगा।’’

भारी बारिश ने कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों को प्रभावित किया, जिससे शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया और यातायात व्यवस्था बाधित हो गई।

गुजरात में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट)-स्नातक 2026 शुरू हुई।

परीक्षा को सुचारू और निष्पक्ष ढंग से आयोजित करने के लिए गुजरात पुलिस ने परीक्षा केंद्रों पर ड्रोन और सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है।

गुजरात पुलिस के अनुसार, राज्य में 211 केंद्रों पर लगभग 79,400 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बिहार में लाखों अभ्यर्थी नीट-यूजी पुनर्परीक्षा दे रहे हैं।

पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने परीक्षा से पहले पत्रकारों से कहा, ‘‘परीक्षा के लिए सर्वोत्तम व्यवस्थाएं की गई हैं।’’

दिल्ली में पुनः परीक्षा दे रहे अभ्यर्थी किशन ने कहा कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था पहले की परीक्षा की तुलना में अधिक सख्त है।

उन्होंने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘पिछले एक महीने में बहुत कुछ हुआ है। मैंने जितनी हो सके उतनी तैयारी की है, और अब मैं सिर्फ परीक्षा देना चाहता हूं। मुझे बस यही उम्मीद है कि परीक्षा निष्पक्ष रूप से आयोजित हो।’’

दिल्ली में पुनर्परीक्षा दे रही सोनिया ने कहा कि वह इस बार पहले की परीक्षा की तुलना में अधिक तनाव महसूस कर रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर पिछली बार भी ऐसी सुरक्षा व्यवस्था होती, तो प्रश्नपत्र लीक होने की आशंका कम होती और विद्यार्थियों को इतनी परेशानी नहीं झेलनी पड़ती।’’

ओडिशा में अभ्यर्थी पार्थसारथी राउत ने कहा कि वह मेडिकल कॉलेज में दाखिला पाने के लिए पुनर्परीक्षा में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेंगे।

वहीं, एक खबर में कहा गया कि बुर्का पहने एक नीट अभ्यर्थी ने आरोप लगाया कि उसे राजस्थान के अजमेर में स्थित एक परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया।

अभ्यर्थी कुलसुम बानो ने दावा किया कि वह पहले की परीक्षा में भी शामिल हुई थीं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं नीट परीक्षा देने के लिए ब्यावर से आई हूं। जब मैंने तीन मई को परीक्षा दी थी, तब भी मैं इसी तरह के कपड़े पहनकर आई थी-बुर्का और दुपट्टा। पहले उन्होंने कहा कि प्रवेश के लिए मुझे दुपट्टा हटाना होगा; फिर उन्होंने यह भी कहा कि मुझे बुर्का भी हटाना पड़ेगा।”

बानो ने कहा, ‘‘अगर एनटीए ने हमें अनुमति दी है, तो ये लोग हमें नहीं रोक सकते… अगर मुझे परीक्षा देनी है और वे मुझे इस पोशाक में अंदर नहीं जाने देते, तो मैं परीक्षा ही नहीं दूंगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए परीक्षा मायने नहीं रखती; मेरे लिए मेरा ‘बुर्का’ और मेरी पहचान मायने रखती है।’’

बाद में, एनटीए ने स्पष्ट किया कि अभ्यर्थी को प्रवेश की अनुमति दे दी गई।

पुनर्परीक्षा से पहले, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अभ्यर्थियों से किसी तनाव या चिंता के बिना परीक्षा में शामिल होने की अपील की।

प्रधान ने रविवार को दिल्ली विश्वविद्यालय में आयोजित एक योग कार्यक्रम में कहा कि उन्हें एनटीए, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, शिक्षा जगत और विद्यार्थियों पर पूरा भरोसा है।

लोगों से बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि से बचने की अपील करते हुए प्रधान ने कहा कि भारत की नयी पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए।

भाषा

देवेंद्र नेत्रपाल

नेत्रपाल