नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) अंग्रेजी भाषा पर अपनी पकड़ के लिए मशहूर कांग्रेस सांसद शशि थरूर बृहस्पतिवार को उस समय असहज स्थिति में फंस गए जब नेपाल में आई विनाशाकरी बाढ़ को लेकर अपनी पोस्ट में उन्होंने इसे ‘‘पहाड़ियों में हुआ ड्रामा’’ बताया।
थरूर की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
कई यूजर ने इस बात को लेकर उनकी आलोचना की कि भला उनके जैसे समृद्ध शब्द-भंडार वाला व्यक्ति ऐसी आपदा के लिए ‘‘शब्दों का खराब चुनाव’’ कैसे कर सकता है।
नेपाल में मौजूद थरूर ने आपदा पर चिंता जताते हुए ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘कल काठमांडू के लिए रवाना हुआ, इस बात से पूरी तरह अनजान था कि पहाड़ियों में क्या ड्रामा हुआ था और उससे इतनी भयावह तबाही हुई।’’
उन्होंने आगे कहा, ‘‘तिब्बत सीमा के पास उत्तरी नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भोटे कोशी और त्रिशूली नदियों के किनारे बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। विशेषज्ञों का अनुमान है कि ‘ग्लोबल वार्मिंग’ या तिब्बत में आए भूकंप के कारण ग्लेशियर का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे घाटी में गिरा होगा।’’
तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य थरूर ने कहा कि नेपाल पहुंचने पर उन्हें जनहानि के बारे में पता चला और यह भी जानकारी मिली कि करीब 2,000 या उससे अधिक लोगों के लापता होने का अनुमान है।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं भारत सरकार की ओर से तत्काल राहत सहायता देने की घोषणा का पूरा समर्थन करता हूं। नेपाल को हरसंभव सहायता की जरूरत है।’’
कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘मेरा दिल पीड़ितों और उनके प्रियजन के लिए दुखी है, जिनमें बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं। इनमें कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गए करीब 100 लोग भी हैं। लापता लोगों के लिए प्रार्थना करता हूं, उम्मीद है कि उन्हें जल्द बचा लिया जाएगा।’’
हालांकि, थरूर के व्यापक संदेश के बावजूद सोशल मीडिया पर कई उपयोगकर्ताओं ने उनके द्वारा ‘‘पहाड़ियों में हुए ड्रामे से अनजान’’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल को निशाना बनाया।
एक उपयोगकर्ता ने कहा, ‘‘क्या प्रकृति का कहर एक ‘ड्रामा’ था? शब्दों के चुनाव में आप इतने असंवेदनशील कैसे हो सकते हैं? अगर आपको यह नहीं पता कि कब क्या कहना है तो शब्दकोश जानने का क्या फायदा? आपकी ‘सहानुभूति’ ही यहां ड्रामा लगती है!’’
एक अन्य उपयोगकर्ता ने लिखा, ‘‘सर, आप भारतीय अंग्रेजी के शेक्सपियर हैं। क्या पहले पैराग्राफ के दूसरे वाक्य में ‘ड्रामा’ शब्द का इस्तेमाल उचित है?’’
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