भारत में सट्टेबाजी और ठगी का अड्डा संचालित कर रहा नेपाली नागरिक गिरफ्तार

भारत में सट्टेबाजी और ठगी का अड्डा संचालित कर रहा नेपाली नागरिक गिरफ्तार

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  • Publish Date - January 19, 2026 / 10:40 AM IST,
    Updated On - January 19, 2026 / 10:40 AM IST

नोएडा, 18 जनवरी (भाषा) नोएडा के थाना फेस-1 पुलिस ने सेक्टर-एक में ऑनलाइन सट्टेबाजी और ठगी के एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ा एक कॉल सेंटर रविवार रात को पकड़ा। यह जानकारी पुलिस के अधिकारियों ने दी।

अधिकारियों ने बताया कि कॉल सेंटर संचालक अनूप श्रेष्ठ (31) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जो नेपाल के जिला मोरंग के उर्लावरी थानाक्षेत्र के मोरंग मोहल्ले का रहने वाला है।

पुलिस के अनुसार आरोपी रूस में साइबर विशेषज्ञ की पढ़ाई करने के बाद नोएडा आकर कॉल सेंटर संचालित कर रहा था। पुलिस के अनुसार वह पहले रूस में सट्टेबाजी ऐप के नेटवर्क से जुड़ा रहा। पुलिस ने बताया कि कॉल सेंटर में ठगी और सट्टेबाजी भारत में प्रतिबंधित ‘‘वन एक्सबेट’’ ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप पर लोगों से पैसे लगवाकर की जा रही थी।

अपर पुलिस उपायुक्त साइबर (अपराध) शैव्या गोयल ने बताया कि कुछ दिन पहले श्रीनगर में ठगी का एक मामला दर्ज हुआ था। उन्होंने बताया कि उसके बाद जांच एजेंसियां भी इस कॉल सेंटर को लेकर सक्रिय हो गईं और नोएडा पुलिस से श्रीनगर पुलिस द्वारा कई बिंदुओं पर जानकारी ली गई है।

उन्होंने बताया कि पुलिस इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (आईफोरसी) के संपर्क में भी है। उन्होंने बताया कि इस नेटवर्क से करोड़ों रुपये की ठगी किये जाने का अनुमान है और जांच एजेंसियों की नजर मौके से मिले सर्वर सिस्टम पर है।

उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय से सूचना मिली थी कि नोएडा के सेक्टर-1 स्थित कंपनी के दफ्तर में अवैध रूप से ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप का एक कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस सूचना पर पुलिस ने जांच शुरू की तो यह बात सामने आयी कि सेक्टर एक स्थित कंपनी के दूसरे तल पर कॉल सेंटर के कर्मचारी लोगों को ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके बाद पुलिस ने छापा मारकर मुख्य आरोपी अनूप को पकड़ा जो यहां सेक्टर-94 स्थित एक सोसाइटी में रहता है।

उन्होंने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि अनूप ने नेपाल से स्नातक तक पढ़ाई की और उसके बाद 2022 में रूस गया और वहां ‘वन एक्सबेट’ कंपनी के कॉल सेंटर में नौकरी की एवं साथ ही साइबर विशेषज्ञ की पढ़ाई भी की।

उन्होंने बताया कि अनूप ने करीब ढाई साल तक वहां काम किया और नवंबर 2022 से जून 2025 तक ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क को नजदीक से समझा और संचालित किया। उन्होंने बताया कि बाद में कंपनी की एक रूसी अधिकारी के कहने पर उसे भारत भेज दिया गया और यहां आने बाद आरोपी को रेडी ऐप के जरिये निर्देश दिए जाते थे और दिल्ली में कंपनी का डायरेक्टर बताकर उससे काम कराया जाता था। उन्होंने बताया कि पूछताछ में यह बात भी सामने आयी कि नोएडा में कॉल सेंटर का संचालन किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि आरोपी एवं कंपनी मालिकों द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की जानकारी जुटायी जा रही है।

उन्होंने बताया कि पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी और उसके साथी भारत में प्रतिबंधित सट्टेबाजी ऐप को तकनीकी सहायता देने के नाम पर चला रहे थे। उन्होंने बताया कि पुलिस जांच में यह बात भी सामने आयी कि देश के लोगों को फोन करके या ऑनलाइन संपर्क करके ऑनलाइन सट्टेबाजी में पैसा लगाने के लिए उकसाया जाता था।

उन्होंने कहा कि आम लोगों से कहा जाता था कि वे वेबसाइट पर दिखाए गए बैंक खातों में पैसे जमा करें जबकि ये असल में ‘म्यूल’ खाते होते थे जिनका इस्तेमाल ठगी और धन शोधन के लिए किया जाता था। उन्होंने बताया कि पैसा एक खाते से दूसरे खाते में घुमाकर अंत में आरोपी और उसके नेटवर्क के खातों में पहुंचाया जाता था।

भाषा सं वैभव अमित

अमित