एनजीटी ने गाजियाबाद में मंदिर के पास अवैध खनन के आरोप की जांच के लिए समिति बनायी

एनजीटी ने गाजियाबाद में मंदिर के पास अवैध खनन के आरोप की जांच के लिए समिति बनायी

एनजीटी ने गाजियाबाद में मंदिर के पास अवैध खनन के आरोप की जांच के लिए समिति बनायी
Modified Date: July 15, 2026 / 04:51 pm IST
Published Date: July 15, 2026 4:51 pm IST

नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद जिले के डासना गांव में प्राचीन सिद्ध पीठ देवी मंदिर के पास एक तालाब से गाद निकालने के नाम पर अवैध खनन किए जाने के आरोपों की जांच के लिए एक संयुक्त समिति का गठन किया है।

हरित अधिकरण एक ऐसी याचिका पर सुनवाई कर रहा है जिसमें आरोप लगाया गया था कि प्रतिवादी नंबर छह (डासना नगर पालिका परिषद) और प्रतिवादी नंबर सात (एक निजी संस्था) के कहने पर अवैध खनन किया जा रहा था।

एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने 10 जुलाई को एक आदेश में इस आरोप का संज्ञान लिया कि अवैध गतिविधि भारी मशीनरी की मदद से की जा रही है।

पीठ ने कहा कि कि नगरपालिका के कार्यकारी अधिकारी ने मई 2026 में एक रिपोर्ट दाखिल कर कहा था कि गाद निकालने का काम पूरा हो गया है, जबकि वास्तव में गहरी खुदाई अब भी जारी थी।

पीठ ने कहा, ‘‘मूल आवेदन में पर्यावरण से जुड़े नियमों के पालन से संबंधित अहम मुद्दे उठाए गए हैं।’’

अधिकरण ने एक संयुक्त समिति बनाई जिसमें केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के प्रतिनिधि, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (उप्रपीसीबी) के सदस्य सचिव, भूगर्भ विज्ञान और खनन निदेशालय (उत्तर प्रदेश) के सचिव और गाजियाबाद के जिलाधिकारी शामिल किये गये हैं।

अधिकरण ने कहा कि आने वाले मॉनसून को ध्यान में रखते हुए, समिति बिना किसी देरी के मौके के मुआयना का काम शुरू करेगी।

इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।

भाषा

राजकुमार माधव

माधव


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