उप्र के शामली में यमुना नदी में अवैध खनन का पता लगाने के लिए एनजीटी ने समिति का गठन किया

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उप्र के शामली में यमुना नदी में अवैध खनन का पता लगाने के लिए एनजीटी ने समिति का गठन किया

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  • Publish Date - March 24, 2026 / 09:09 PM IST,
    Updated On - March 24, 2026 / 09:09 PM IST

नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश के शामली जिले के दो गांवों में यमुना नदी के डूब क्षेत्र में कथित अवैध खनन का पता लगाने के लिए एक समिति का गठन किया है।

पर्यावरण निकाय उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें आरोप लगाया गया था कि एक निजी संस्था ‘एम/एस यमुना माइंस’ ने नाई नांगला और मंगलाउरा गांवों में अवैध खनन किया और शिकायतों के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।

एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्यों- ए सेंथिल वेल एवं अफरोज अहमद की पीठ ने 23 मार्च को जारी एक आदेश में जिला मजिस्ट्रेट, राज्य के पुलिस महानिदेशक, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जिला खनन अधिकारी और अन्य से जवाब मांगा।

अधिकरण ने कहा, ‘‘मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए हम केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव, लखनऊ में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के क्षेत्रीय अधिकारी और शामली के जिला मजिस्ट्रेट की सदस्यता वाली एक संयुक्त समिति का भी गठन करते हैं।’’

इसमें कहा गया है कि जिला मजिस्ट्रेट समिति की नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा।

भाषा शुभम सुरेश

सुरेश