बेंगलुरु की जेलों में आतंकी साजिश रचने के मामले में एनआईए अदालत ने सात लोगों को सजा सुनाई

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बेंगलुरु की जेलों में आतंकी साजिश रचने के मामले में एनआईए अदालत ने सात लोगों को सजा सुनाई

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  • Publish Date - April 22, 2026 / 01:57 PM IST,
    Updated On - April 22, 2026 / 01:57 PM IST

नयी दिल्ली, 22 अप्रैल (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की एक विशेष अदालत ने 2023 में बेंगलुरु की एक जेल में आतंकी साजिश रचे जाने के मामले में मुख्य साजिशकर्ता एवं लश्कर-ए-तैयबा सदस्य टी. नसीर सहित सात लोगों को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। एक आधिकारिक बयान में बुधवार को यह जानकारी दी गई।

अदालत ने नसीर के साथ ही आरोपी सैयद सुहैल खान, मोहम्मद उमर, जाहिद तबरेज, सैयद मुदस्सिर पाशा, मोहम्मद फैसल रब्बानी और सलमान खान को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है तथा उन पर 48,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।

इससे पहले, आरोपियों ने बेंगलुरु के परप्पन्ना अग्रहारा केंद्रीय कारागार के अंदर नसीर द्वारा रची गई लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) से जुड़ी आतंकी साजिश से संबंधित मामले में एनआईए द्वारा दायर आरोपों को स्वीकार कर लिया था।

एनआईए द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि इस साजिश के तहत भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के मकसद से उन युवाओं की पहचान की गई जो जेल में बंद थे। साजिश के तहत उन्हें भर्ती किया जाना, प्रशिक्षण देना, धर्मांतरण करना और कट्टरपंथी बनाना शामिल था।

बेंगलुरु केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) द्वारा जुलाई 2023 में आदतन अपराधियों से हथियार, गोला-बारूद और डिजिटल उपकरण जब्त किए जाने के बाद यह मामला दर्ज किया गया था।

जांच एजेंसी ने कहा कि अपराधियों ने प्रतिबंधित लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन के हिंसक भारत विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए बेंगलुरु शहर में आतंकी हमले करने की साजिश रची थी।

इस मामले की जांच एनआईए ने अपने हाथ में ली, जिसने एक बड़ी साजिश का खुलासा किया। इस साजिश के तहत कई आतंकी मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे नसीर को जेल से अदालत जाते समय भागने में मदद की गई थी। नसीर उस समय 2008 के बेंगलुरु सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में विचाराधीन कैदी था।

एनआईए ने इस मामले में गिरफ्तार किए गए 11 आरोपियों और जुनैद अहमद नामक एक फरार आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था।

बयान में कहा गया है कि इनमें से आरोपी सलमान खान को एनआईए और रवांडा की संबंधित एजेंसियों के समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप रवांडा गणराज्य से सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित किए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसमें कहा गया कि जुनैद अहमद का पता लगाने और गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।

भाषा यासिर वैभव

वैभव