सच सामने आ गया है : महाराष्ट्र के मंत्री ने मालेगांव विस्फोट मामले में कहा

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सच सामने आ गया है : महाराष्ट्र के मंत्री ने मालेगांव विस्फोट मामले में कहा

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  • Publish Date - April 22, 2026 / 04:18 PM IST,
    Updated On - April 22, 2026 / 04:18 PM IST

मुंबई, 22 अप्रैल (भाषा) महाराष्ट्र के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता गिरीश महाजन ने बुधवार को आरोप लगाया कि 2006 मालेगांव विस्फोट मामले में कुछ लोगों को झूठा फंसाया गया था, लेकिन अब बंबई उच्च न्यायालय द्वारा चार आरोपियों को आरोपमुक्त किए जाने के बाद सच सामने आ गया है।

उन्होंने उच्च न्यायालय द्वारा चार आरोपियों – राजेंद्र चौधरी, धन सिंह, मनोहर राम सिंह नरवरिया और लोकेश शर्मा को आरोपमुक्त करने तथा उनके खिलाफ आरोप तय करने के विशेष अदालत के आदेश को रद्द करने के बाद यहां पत्रकारों से बातचीत में यह टिप्पणी की।

इन आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की, हत्या और आपराधिक साजिश से संबंधित विभिन्न धाराओं के साथ-साथ कड़े गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) के तहत भी आरोप लगाए गए थे।

अदालत के फैसले के बाद पत्रकारों से बात करते हुए महाजन ने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी ने मालेगांव विस्फोट मामले को बहुत बड़ा मुद्दा बनाया था। बिना किसी कारण कुछ लोगों को इस मामले में फंसाया गया। अब सच्चाई सामने आ गई है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आरोपियों को रिहा (आरोपमुक्त) कर दिया गया है। उन्हें जानबूझकर फंसाया गया था।’’

महाजन ने आरोप लगाया कि इस मामले का राजनीतिकरण किया गया था और अदालत के ताजा आदेश ने उन लोगों को सही साबित किया है, जो लगातार कहते रहे कि निर्दोष लोगों को निशाना बनाया गया।

आठ सितंबर 2006 को नासिक जिले के मालेगांव कस्बे में चार बम धमाके हुए थे। इनमें से तीन धमाके शुक्रवार की नमाज के तुरंत बाद हमीदिया मस्जिद और बड़ा कब्रिस्तान परिसर में हुए थे, जबकि चौथा धमाका मुशावरत चौक में हुआ था। इस घटना में 31 लोगों की मौत हुई थी और 312 लोग घायल हुए थे।

मामले की शुरुआती जांच राज्य आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने की थी, जिसने इस मामले में नौ मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया था।

बाद में जांच अपने हाथ में लेने वाले राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने दावा किया था कि ये विस्फोट दक्षिणपंथी चरमपंथियों की करतूत थे। एनआईए ने इन चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

भाषा गोला मनीषा

मनीषा