एनआईए ने तमिलनाडु के अंसारूल्लाह मामले में पूरक आरोपपत्र दाखिल किया

एनआईए ने तमिलनाडु के अंसारूल्लाह मामले में पूरक आरोपपत्र दाखिल किया

एनआईए ने तमिलनाडु के अंसारूल्लाह मामले में पूरक आरोपपत्र दाखिल किया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:40 pm IST
Published Date: May 25, 2022 7:12 pm IST

नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने तमिलनाडु के अंसारूल्लाह ग्रुप के संस्थापकों में एक के विरूद्ध पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है। अंसारूल्लाह ग्रुप अलकायदा एवं आईएसआईएस का समर्थक है।

अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि एजेंसी ने दिवान मुजीपीर के विरूद्ध भादंसं की धारा 120 बी (आपरधिक साजिश) तथा कठोर अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है। मुजीपीर अंसारूल्लाह ग्रुप का संस्थापक सदस्य है।

एनआईए ने एक बयान में कहा कि यह आरोप है कि मुजीपीर ने हिंसक ‘जिहाद’ के मार्फत भारत खासकर तमिलनाडु में इस्लामिक शासन स्थापित करने के इरादे से संयुक्त अरब अमीरात में सह आरोपियों- मोहम्मद इब्राहिम , मोहम्मद शेख मैतीन, मीरान गनी एवं गुलाम नबी असथ के साथ मिलकर कट्टर धार्मिक समूह अंसारूल्लाह बनाया।

एजेंसी ने कहा, ‘‘ उन्होंने आईएसआईएस एवं अलकायदा के चरमपंथी जिहादी विचारधारा को फैलाने के लिए थोझान नामक पत्रिका वितरित की। ’’ एनआईए ने आठ जनवरी, 2020 को इस मामले में 11 लोगों के विरूद्ध आरोपपत्र दाखिल किया था।

एनआईए प्रवक्ता ने बयान में कहा, ‘‘ यह मामला आरोपियों एवं उनके सहयोगियों द्वारा आपराधिक साजिश रचने से जुड़ा है जिन्होंने संयुक्त अरब अमीरात एवं भारत में रहते हुए अलकायदा एवं आईएसआईएस समेत प्रतबंधित आतंकवादी संगठनों की हिंसक चरमपंथी विचारधारा पर चलने का संकल्प लिया था तथा अंसारूल्लाह नामक एक आतंकवादी संगठन बनाया था।’’

एजेंसी ने कहा कि आतंकवाद से कथित रूप से संबंध रखने वाले इन लोगों ने भारत में ‘जिहाद’ छेड़ने के लक्ष्य के साथ समान विचारधारा के लोगों को अपने संगठन से जोड़ा तथा धार्मिक कक्षाओं का आयोजन किया।

भाषा राजकुमार उमा

उमा


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