जयपुर, 30 जुलाई (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को कहा कि नीति आयोग के सूचकांक ने भाजपा सरकार के दावों और प्रदेश की जमीनी हकीकत के बीच अंतर को उजागर कर दिया है।
उन्होंने दावा किया कि वित्तीय स्थिति, संस्थागत माहौल और कारोबारी पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े प्रमुख संकेतकों में राजस्थान की स्थिति कमजोर हुई है।
गहलोत ने कहा कि वित्तीय स्थिति के मामले में राजस्थान 17 राज्यों में 15वें स्थान, संस्थागत माहौल में 13वें स्थान और कारोबारी माहौल एवं बुनियादी ढांचे के मामले में 12वें स्थान पर है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदेश का निर्यात वर्ष 2023-24 में 10.11 अरब डॉलर से घटकर 2024-25 में 7.17 अरब डॉलर रह गया।
गहलोत ने कहा कि उनके नेतृत्व वाली पिछली कांग्रेस सरकार ने उद्योग और कारोबार को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई अधिनियम, 2019 तथा राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (रिप्स) 2019 और 2022 लागू की थी।
गहलोत ने कहा, ‘‘उस आधार को आगे बढ़ाने के बजाय मौजूदा भाजपा सरकार ने निवेश प्रोत्साहन को केवल प्रचार और आयोजनों तक सीमित कर दिया है।’’
भाषा बाकोलिया शफीक
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