राज्य के दर्जे को लेकर दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन की योजना में कई बदलाव नहींः उमर अब्दुल्ला

राज्य के दर्जे को लेकर दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन की योजना में कई बदलाव नहींः उमर अब्दुल्ला

राज्य के दर्जे को लेकर दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन की योजना में कई बदलाव नहींः उमर अब्दुल्ला
Modified Date: July 15, 2026 / 04:58 pm IST
Published Date: July 15, 2026 4:58 pm IST

श्रीनगर, 15 जुलाई (भाषा) जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि उनके चाचा शेख मुस्तफा कमाल के निधन के बाद भी राज्य का दर्जा बहाल करने में हो रही देरी के खिलाफ उनकी पार्टी के दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन के कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं होगा।

अब्दुल्ला ने इससे पहले केंद्र शासित प्रदेश (जम्मू-कश्मीर) का राज्य का दर्जा बहाल करने में हो रही ‘अनुचित देरी’ के विरोध में 20 जुलाई से राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन के नए चरण की घोषणा की थी।

अब्दुल्ला ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अतिरिक्त महासचिव और उनके चाचा के आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘इसमें कोई बदलाव नहीं होगा।’

अब्दुल्ला ने कहा कि उनके चाचा की इच्छा भी यही होती कि पार्टी अपने तय कार्यक्रम में कोई बदलाव न करे।

अब्दुल्ला ने कहा, ‘कमाल साहब भी यही चाहते कि इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाए। उनकी तबीयत 11 जुलाई को बिगड़ गई थी और चिकित्सकों ने हमें बताया था कि वह नहीं बच पाएंगे। इसके बावजूद पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने हमें निर्देश दिया था कि कमाल साहब के साथ कुछ भी हो, पार्टी 12 जुलाई के जम्मू कार्यक्रम को जारी रखेगी। इसलिए जब हम 12 जुलाई का कार्यक्रम रद्द करने के लिए तैयार नहीं थे, तो दिल्ली में होने वाला यह प्रदर्शन निश्चित रूप से जारी रहेगा।’

उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर अपने तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगी।

उन्होंने 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन के लिए अनुमति मिलने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि अभी तक उन्हें अनुमति नहीं मिली है।

अब्दुल्ला ने कहा, ‘अभी नहीं। हमें इंतजार कराया जा रहा है। जैसा कि मैंने कहा है, हमें धैर्य रखना आता है।’

उन्होंने कहा कि अगर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलती है तो पार्टी एक वैकल्पिक योजना भी तैयार रखेगी।

अब्दुल्ला ने कहा, ‘हम इंतजार करेंगे और अपनी वैकल्पिक योजना भी तैयार रखेंगे। मैंने अपने उन साथियों से कहा है, जिन्होंने अनुमति को लेकर आशंका जताई थी, कि हम निश्चित रूप से 19 जुलाई को दिल्ली जाएंगे। अगर हमें जंतर-मंतर के लिए अनुमति नहीं मिलती है तो वहां बैठकर चर्चा करेंगे कि आगे क्या करना है लेकिन हम 19 जुलाई को दिल्ली के लिए रवाना होंगे।’

भाषा

राखी पवनेश

पवनेश


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