अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा, अब तक 26 बार, दो दफे गिरी सरकार, जानिए इतिहास
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा, अब तक 26 बार, दो दफे गिरी सरकार, जानिए इतिहास
नई दिल्ली। लोकसभा का मॉनसून सत्र चल रहा है। मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष ने अविश्वास जताया है और अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा चल रही है। इसके बाद वोटिंग भी होनी है। मोदी सरकार के बीते साल में यह पहली अविश्वास प्रस्ताव है और संख्या बल के आधार पर माना जा रहा है कि सरकार को इससे कोई खतरा नहीं है। 22 दिनों तक चलने वाले इस सत्र में तीन तलाक विधेयक, अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा और मेडिकल शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय भी है, लेकिन अविश्वास प्रस्ताव के चलते फिलहाल इन मुद्दों पर चर्चा नहीं हो पाई है। आजाद भारत के इतिहास में संसद में अब तक 26 बार अविश्वास प्रस्ताव आए हैं। जिनमें से सिर्फ दो बार ही विपक्ष को कामयाबी मिली।
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देश की संसद में पहली बार अविश्वास प्रस्ताव 1963 में लाया गया था। उस समय जवाहर लाल नेहरू प्रधानमंत्री थे। प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के खिलाफ जेबी कृपलानी अविश्वास प्रस्ताव लाए थे। इस अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में उस समय मात्र 62 वोट पड़े थे जबकि प्रस्ताव के विरोध में 347 वोट पड़े। भारतीय संसद के इतिहास में सबसे ज्यादा अविश्वास प्रस्ताव इंदिरा गांधी के शासनकाल में लाया गया था। इंदिरा गांधी की नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को सबसे ज्यादा 15 बार अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ा। कांग्रेस सरकार का खिलाफ 15 प्रस्ताव में से चार प्रस्ताव अकेले मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद रहे ज्योति बसु ने रखे थे।
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संसद में पहली बार अविश्वास प्रस्ताव को कामयाबी 1978 में मिली थी। जब इमरजेंसी के बाद देश में चुनाव हुए और जीत के साथ जनता पार्टी को मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री बने। मोरारजी देसाई सरकार के खिलाफ दो बार अविश्वास प्रस्ताव लाए गए। दूसरे प्रस्ताव में पार्टी में चल रहे कुछ मतभेतों को चलते मोरारजी देसाई ने हार को भांपते हुए मतदान से पहले ही खुद इस्तीफा दे दिया था।
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पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी अपने कार्यकाल के दौरान दो बार अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ा था। जिसमें से पहली बार 1999 में जयललिता की पार्टी के समर्थन वापस लेने की वजह से अविश्वास प्रस्ताव में एक वोट के अंतर से हार गई थी लेकिन दूसरी बार उन्होंने विपक्ष का हार का मुंह दिखाया। वहीं 2008 में मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के खिलाफ सीपीएम ने अविश्वास प्रस्ताव रखा था। मतदान में यूपीए सरकार कुछ वोटों से बच गई। अब इस बार टीडीपी ने संसद में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव रखा है, जिस पर मतदान होना है।
वेब डेस्क IBC24

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