द्रास में दो दिवसीय कारगिल विजय समारोह में शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे राजनाथ सिंह
द्रास में दो दिवसीय कारगिल विजय समारोह में शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे राजनाथ सिंह
द्रास, 25 जुलाई (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 25 जुलाई से शुरू होने वाले दो दिवसीय कारगिल विजय दिवस समारोह में भाग लेने के लिए द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पहुंचेंगे। इस दौरान वह 1999 के ऑपरेशन विजय के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
रविवार को सशस्त्र बल कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ मनाएंगे। यह दिवस 1999 के कारगिल युद्ध में भारत को जीत दिलाने वाले ऑपरेशन विजय की सफलता की याद में मनाया जाता है।
अधिकारियों ने शुक्रवार शाम बताया कि रक्षा मंत्री शनिवार को द्रास पहुंचेंगे और कारगिल युद्ध के दौरान दुर्गम एवं बर्फीली चोटियों पर लड़ी गई निर्णायक लड़ाइयों में भारत की जीत के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में हिस्सा लेंगे। इस अवसर पर वह युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि भी देंगे।
शनिवार शाम भारतीय सेना की ओर से द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पर ‘शौर्य संध्या’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि होंगे। अधिकारियों ने बताया कि यह आयोजन कारगिल युद्ध के वीरों के अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान को समर्पित होगा।
समारोह में थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा तथा ‘फायर एंड फ्यूरी कोर’ के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल मदनराज पांडे भी शामिल होंगे।
ऑपरेशन विजय 1999 में पाकिस्तान की घुसपैठ के बाद उसके खिलाफ भारत द्वारा चलाए गए सीमित सैन्य अभियान का नाम था।
26 जुलाई 1999 को ऑपरेशन विजय की सफलता के साथ कारगिल युद्ध समाप्त हुआ था। इसी विजय की स्मृति में हर वर्ष कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है।
भारतीय सेना 26 जुलाई को द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक पर ‘श्रद्धांजलि समारोह’ आयोजित करेगी, जिसमें 1999 के युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिकों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी जाएगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस समारोह में थलसेना प्रमुख के साथ शामिल होंगे। इस दौरान सेना के वरिष्ठ अधिकारी, कारगिल युद्ध के पूर्व सैनिक, वीर नारियां, वीर माताएं, शहीदों के परिजन, असैन्य गणमान्य व्यक्ति तथा सेवारत सैनिक भी उपस्थित रहेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि इस समारोह में लद्दाख के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना भी शामिल होंगे।
श्रद्धांजलि समारोह के दौरान ऑपरेशन विजय में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों की स्मृति में स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किए जाएंगे।
इसके बाद ‘गौरव गाथा’ कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों के अद्वितीय साहस, बलिदान और विजय की कहानी प्रस्तुत की जाएगी। इसके उपरांत रक्षा मंत्री कारगिल युद्ध स्मारक के ‘वर्चुअल वॉकथ्रू पोर्टल’ का उद्घाटन करेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, यह पोर्टल एक डिजिटल मंच के माध्यम से आगंतुकों को कारगिल युद्ध स्मारक के इतिहास और विरासत का सजीव अनुभव कराने में मदद करेगा।
इसके बाद रक्षा मंत्री ‘हट ऑफ रिमेम्ब्रेंस’ का दौरा करेंगे और फिर कारगिल युद्ध स्मारक हेलिपैड पर उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे।
कार्यक्रम का समापन ‘शौर्य विजय यात्रा’ (मोटरसाइकिल रैली) के साथ होगा। यह रैली नयी दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से शुरू होकर द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक तक पहुंचेगी। यह यात्रा देश की ओर से वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके अमर बलिदान की विरासत को संजोए रखने के भारत के अटूट संकल्प का प्रतीक होगी।
अधिकारियों ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल कैलेंडर की एक तारीख नहीं है, बल्कि यह भारत की दृढ़ता, एकता और अदम्य साहस का प्रतीक है। यह उन वीर सैनिकों को नमन करने का अवसर है, जिन्होंने दुर्लभ ऊंचाइयों और कड़ाके की ठंड में दुश्मन का मुकाबला करते हुए हर पर्वत चोटी को अपने शौर्य की अमिट गाथा में बदल दिया।
भाषा गोला सिम्मी
सिम्मी

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