पाला नगरपालिका अध्यक्ष दीया बीनू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित

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पाला नगरपालिका अध्यक्ष दीया बीनू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित

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  • Publish Date - July 21, 2026 / 05:25 PM IST,
    Updated On - July 21, 2026 / 05:25 PM IST

कोट्टायम (केरल), 21 जुलाई (भाषा) भारत की सबसे युवा नगरपालिका अध्यक्ष दीया बीनू को मंगलवार को पद गंवाना पड़ा, क्योंकि पाला नगरपालिका में कांग्रेस के बागी पार्षदों के समर्थन से एलडीएफ द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। इससे इस नगर निकाय में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) का शासन समाप्त हो गया।

छब्बीस सदस्यीय पाला नगरपालिका में अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में 17 मत पड़े, जो इसे पारित करने के लिए जरूरी 14 मतों से काफी अधिक था।

कांग्रेस के चार पार्षदों और उपाध्यक्ष माया राहुल ने अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। इससे सत्तारूढ़ गठबंधन में मतभेद उजागर हो गए और कांग्रेस नीत यूडीएफ को बड़ा राजनीतिक झटका लगा।

इक्कीस वर्षीय दीया ने स्थानीय निकाय चुनाव के बाद यूडीएफ द्वारा उनके नेतृत्व वाले तीन सदस्यीय निर्दलीय गुट को समर्थन दिए जाने के बाद अध्यक्ष पद संभाला था। इसके साथ ही वह भारत की सबसे युवा नगरपालिका अध्यक्ष बनी थीं।

मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक दीया उस समय उच्च शिक्षा की तैयारी कर रही थीं, जब उन्हें नगरपालिका चुनाव में उम्मीदवार बनाया गया था। उनके पिता बीनू पुलिक्कंदम और उनके भाई बीजू भी निर्वाचित हुए थे, जिससे तीन सदस्यीय निर्दलीय गुट का गठन संभव हुआ।

हाल के महीनों में निर्दलीय गुट और कांग्रेस के बीच संबंधों में गिरावट आई, जिसके कारण सत्तारूढ़ मोर्चे में विभाजन हो गया। राजनीतिक मतभेदों का फायदा उठाते हुए एलडीएफ ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया।

बैठक में शामिल सभी 17 पार्षदों ने चर्चा के दौरान प्रस्ताव का समर्थन किया और बाद में इसके पक्ष में मतदान किया।

पद से हटाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए दीया ने कहा कि वह लोकतांत्रिक फैसले को ‘‘पूरे सम्मान’’ के साथ स्वीकार करती हैं। उन्होंने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार, सरकारी धन के दुरुपयोग, रिश्वतखोरी, भाई-भतीजावाद, सरकारी आदेशों के उल्लंघन या किसी गैरकानूनी कृत्य का कोई आरोप नहीं लगाया गया था। दीया ने कहा, ‘‘प्रस्ताव लाने वाले और उसका समर्थन करने वाले लोग मेरे खिलाफ एक भी तथ्यात्मक आरोप लगाने या उसे साबित करने में सक्षम नहीं हुए।’’

भाषा अमित दिलीप

दिलीप