बहुद्देश्यीय पैक्स के काम का स्वतंत्र आकलन कराने पर विचार नहीं: शाह

बहुद्देश्यीय पैक्स के काम का स्वतंत्र आकलन कराने पर विचार नहीं: शाह

बहुद्देश्यीय पैक्स के काम का स्वतंत्र आकलन कराने पर विचार नहीं: शाह
Modified Date: August 4, 2026 / 08:45 pm IST
Published Date: August 4, 2026 8:45 pm IST

नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को संसद को बताया कि सरकार ने हिमाचल प्रदेश में बहुद्देश्यीय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) के रूप में काम कर रही ‘पैक्स’ के कामकाज का स्वतंत्र आकलन कराने पर अब तक विचार नहीं किया है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सांसद कंगना रनौत के प्रश्न के लिखित उत्तर में शाह ने कहा कि सहकारिता मंत्रालय ने 24 जनवरी 2025 को ‘कोऑपरेटिव रैंकिंग फ्रेमवर्क’ शुरू किया था, जिसके माध्यम से राज्य सरकार को इस प्रकार के आकलन के लिए आवश्यक रूपरेखा उपलब्ध कराया गया है।

शाह ने कहा कि इसमें ऑडिट अनुपालन, वित्तीय प्रदर्शन और परिचालन गतिविधियों जैसे मानकीकृत मानदंड शामिल हैं। इनके आधार पर राज्य का सहकारी समितियों का पंजीयक (आरसीएस) स्वतंत्र आकलन कर सकता है और राज्य, जिला तथा प्रखंड स्तर पर समितियों को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठा सकता है।

शाह ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में 1,191 ‘पैक्स’ कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में कार्य कर रही हैं और ग्रामीण नागरिकों को 300 से अधिक ई-सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।

इसके अलावा, 772 पैक्स को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के रूप में उन्नत किया गया है। आठ पैक्स प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र के रूप में और 10 पैक्स किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के रूप में कार्य कर रही हैं।

भाषा सुभाष अविनाश

अविनाश


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