गुरुवायूर की यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को असुविधा नहीं हुई : मुख्यमंत्री सतीशन
गुरुवायूर की यात्रा के दौरान किसी भी श्रद्धालु को असुविधा नहीं हुई : मुख्यमंत्री सतीशन
तिरुवनंतपुरम, 25 मई (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन की प्रसिद्ध गुरुवायूर श्री कृष्ण मंदिर यात्रा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा का आरोप है कि उन्होंने अवकाश के दिनों में वीआईपी दर्शन को विनियमित करने वाले केरल उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन किया है और आम श्रद्धालुओं को असुविधा पहुंचाई है।
इसके जवाब में सतीशन ने इसे “झूठी कहानी” बताकर खारिज कर दिया और कहा कि उन्होंने यह सुनिश्चित किया था कि उनके दर्शन से किसी को कोई बाधा न हो।
यहां एक संवाददात सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “वहां ऐसी कोई घटना नहीं हुई। मुख्यमंत्री के साथ केवल चार लोग थे।” खबरों को “बेबुनियाद” बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रविवार को वीआईपी दर्शन नहीं होते और उन्होंने 1000 रुपये का टिकट लेकर मंदिर में प्रवेश किया था।
उन्होंने कहा, “यह झूठी खबर है। यह पहली बार नहीं है जब कोई मुख्यमंत्री गुरुवायूर मंदिर का दौरा कर रहा है। पहली बार मुख्यमंत्री के साथ केवल चार लोग थे। उनमें से एक मंदिर का प्रशासक था और मेरे साथ एकमात्र अधिकारी एक गनमैन था।”
एक सवाल का जवाब देते हुए सतीशन ने कहा कि वह एक तरफ खड़े होकर प्रार्थना कर रहे थे जबकि अन्य श्रद्धालु मंदिर में स्वतंत्र रूप से घूमते रहे।
उन्होंने कहा, “जब ‘सीवेली’ अनुष्ठान चल रहा था, मैं आगे खड़ा था। अनुष्ठान समाप्त होने के बाद, मैंने प्रार्थना की। जब मैं उप-देवताओं के दर्शन करने गया, तो देवस्वओम के एक सुरक्षा गार्ड ने श्रद्धालुओं को रोक दिया। मैंने उनसे कहा कि उन्हें नहीं रोका जाना चाहिए क्योंकि मेरी प्रार्थना दूसरों के लिए असुविधा का कारण नहीं बननी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि किसी को भी असुविधा नहीं हुई।
मुख्यमंत्री ने आगे दावा किया कि उपस्थित कई श्रद्धालुओं ने यात्रा के संचालन के तरीके की सराहना की।
सतीशन ने कहा, “वहां के लोगों ने मुझसे कहा कि ऐसा ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे एक मुख्यमंत्री को श्रद्धालुओं से दूरी बनाए बिना प्रार्थना करते देखकर आश्चर्यचकित थे।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात का अंदाजा था कि इस यात्रा से विवाद खड़ा हो सकता है।
उन्होंने कहा, “मुझे पता था कि इससे विवाद होगा। कृपया यह न कहें कि मुझे मंदिरों में जाना बंद कर देना चाहिए।”
यह विवाद तब शुरू हुआ जब भाजपा नेता बी गोपालकृष्णन ने आरोप लगाया कि सतीशन द्वारा रविवार को प्रसिद्ध गुरुवायूर श्री कृष्ण मंदिर की यात्रा ने केरल उच्च न्यायालय के उस आदेश का उल्लंघन किया है जो अवकाश के दौरान वीआईपी दर्शन को विनियमित करता है और इससे आम श्रद्धालुओं को असुविधा हुई है।
सतीशन ने मंदिर में प्रार्थना की और मंदिर परिसर में राजस्व मंत्री ए.पी. अनिल कुमार के बेटे के विवाह समारोह में शामिल होने से पहले पारंपरिक ‘तुलाभारम’ अनुष्ठान किया।
भाजपा के वरिष्ठ नेता बी गोपालकृष्णन ने गुरुवायूर देवस्वोम प्रशासन को शिकायत देकर आरोप लगाया कि रविवार सुबह प्रतिबंधित समय के दौरान मुख्यमंत्री और उनके साथ आए नेताओं को विशेष वीआईपी दर्शन की सुविधा दी गई।
उन्होंने 24 मई को फेसबुक पर एक पोस्ट में दावा किया कि उच्च न्यायालय ने रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में सुबह छह बजे से दोपहर 12 बजे तक वीआईपी दर्शन पर रोक लगाई है।
साथ ही, मंदिर परिसर और मेलपथुर सभागार के आसपास वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी पर भी प्रतिबंध है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद हिबी ईडन सहित कई वीआईपी लोगों ने मना करने के बावजूद मंदिर परिसर के आसपास वीडियो बनाये।
हालांकि, मंदिर का प्रबंधन करने वाले गुरुवायूर देवस्वओम ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का दर्शन नियमों के अनुसार कराया गया था।
देवस्वओम ने सोमवार को फेसबुक पोस्ट में स्पष्ट किया कि रविवार अवकाश का दिन होने के कारण सतीशन ने ‘श्रीकोविल नेयविलक्कु’ रसीद लेकर दर्शन किया था।
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए गुरुवायूर देवस्वोम के अध्यक्ष ए.वी. गोपीनाथ ने कहा कि प्रथम दृष्टया मुख्यमंत्री और उनके दल द्वारा किसी नियम का उल्लंघन किये जाने का मामला नजर नहीं आता। हालांकि श्रद्धालुओं को हुई असुविधा से संबंधित शिकायतों की जांच की जाएगी।
भाषा प्रशांत नरेश
नरेश

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