जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की सूची में अभी तक कोई विसंगति नहीं पाई गई : एसजेटीए

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जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार की सूची में अभी तक कोई विसंगति नहीं पाई गई : एसजेटीए

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  • Publish Date - April 20, 2026 / 06:22 PM IST,
    Updated On - April 20, 2026 / 06:22 PM IST

भुवनेश्वर, 20 अप्रैल (भाषा) पुरी के जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार में मौजूद कीमती सामानों की सूची में अब तक कोई विसंगति नहीं पाई गई है। मंदिर के अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी, जो 25 मार्च से शुरू हुए इस कार्य की निगरानी कर रहे हैं, ने कहा कि दैनिक उपयोग के आभूषणों वाले ‘चलंती भंडार’ और उत्सव के आभूषणों वाले ‘बाहर भंडार’ की कीमती वस्तुओं की सूची बनाने का काम सीसीटीवी की निगरानी में पूरा हो गया है, जबकि ‘भीतर भंडार’ (आंतरिक कक्ष) के लिए यह प्रक्रिया अभी जारी है।

पाढ़ी ने कहा, “रत्न भंडार में रखे सभी आभूषण चाहे वो सोने के हों या कीमती पत्थरों के अब तक 1978 की सूची से मेल खाते हैं। भगवान की कृपा से एक भी विसंगति दर्ज नहीं की गई है।”

उन्होंने बताया कि चंदन यात्रा के कारण 18 अप्रैल से यह प्रक्रिया फिलहाल रोक दी गई है और उचित समय पर पुनः शुरू की जाएगी।

एक प्रश्न के उत्तर में पाढ़ी ने कहा, ‘हम यह नहीं कह सकते कि प्रक्रिया पूरी करने में कितना और समय लगेगा।’

एक अधिकारी ने बताया कि पिछली बार रत्न भंडार की सूची 48 वर्ष पूर्व 1978 में 72 दिनों में तैयार की गई थी, जबकि इस बार नौ दिनों में ही प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

श्रीमंदिर रत्न भंडार निरीक्षण समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विश्वनाथ रथ ने कहा, ‘भगवान के खजाने की सूची तैयार करने का काम 25 मार्च को शुरू हुआ था। चंदन यात्रा जैसे अनुष्ठानों के कारण कुछ समय के लिए कार्य रोक दिया गया है। हमें आशा है कि भगवान की कृपा से यह प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो जाएगी।’

न्यायमूर्ति रथ ने कहा कि सटीकता सुनिश्चित करने के लिए रत्नविज्ञानी, सुनार और भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के विशेषज्ञ इस प्रक्रिया में शामिल हैं।

उन्होंने कहा, ‘पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जा रही है और दस्तावेज़ीकरण के हिस्से के रूप में 3डी मैपिंग की जा रही है।’

भाषा तान्या दिलीप

दिलीप