गंगासागर, पांच जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को अफसोस जताया कि देश और विदेश से लाखों तीर्थयात्री कपिल मुनि मंदिर में दर्शन करने आते हैं, इसके बावजूद केंद्र सरकार ने गंगासागर के विकास के लिए कोई धनराशि उपलब्ध नहीं कराई है।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार वार्षिक गंगासागर मेले को राष्ट्रीय मेले का दर्जा देने और इसके लिए केंद्रीय निधि उपलब्ध कराने की मांग करती रही है।
बनर्जी ने यहां कपिल मुनि मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद कहा, ‘‘बार-बार प्रयास करने के बावजूद गंगासागर मेले के लिए कोई धनराशि नहीं दी गई है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का मेला है जिसमें भारत के साथ-साथ दुनिया के अन्य हिस्सों से भी लोग आते हैं।’’
मकर संक्रांति के दौरान जनवरी में कपिल मुनि मंदिर क्षेत्र में वार्षिक गंगासागर मेला आयोजित किया जाता है। कपिल मुनि मंदिर, कोलकाता से लगभग 130 किलोमीटर दूर सागर द्वीप पर गंगा और बंगाल की खाड़ी के संगम पर स्थित है।
इससे पहले दिन में, बनर्जी ने सागर द्वीप को जोड़ने के लिए मुरीगंगा नदी पर लगभग पांच किलोमीटर लंबे पुल की आधारशिला रखी।
उन्होंने यहां स्थित भारत सेवाश्रम संघ मंदिर का भी दौरा किया और संतों से बातचीत की।
बनर्जी ने कहा, ‘‘ केंद्र सरकार कुंभ मेले पर हजारों करोड़ रुपये खर्च करती है, लेकिन गंगासागर मेले के लिए एक पैसा भी नहीं देती? ’’
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