नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) सरकार ने शुक्रवार को संसद को बताया कि केंद्र ने पीएम-प्रणाम योजना शुरू होने के बाद से इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोई प्रोत्साहन राशि नहीं दी है।
बजट 2023 में घोषणा और जून 2023 में केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद शुरू की गई पीएम-प्रणाम (पृथ्वी के संरक्षण, इसके बारे में जागरूकता पैदा करना, पोषण और सुधार के लिए कार्यक्रम) योजना का उद्देश्य कृषि में रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल को कम करना है।
केंद्रीय उर्वरक मंत्री जे पी नड्डा ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ‘‘आज तक, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को कोई प्रोत्साहन राशि नहीं दी गई है।’’
पीएम-प्रणाम के तहत, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश प्रोत्साहन के लिए तब पात्र होंगे जब वे पिछले तीन वर्षों की औसत खपत की तुलना में किसी दिए गए वित्तीय वर्ष में रासायनिक उर्वरकों – यूरिया, डीएपी, एनपीके और एमओपी की खपत को कम करते हैं।
प्रोत्साहन राशि बचाई गई उर्वरक सब्सिडी के 50 प्रतिशत के बराबर होती है।
कुल अनुदान में से, 95 प्रतिशत राज्य को आवंटित किया जाता है, जबकि शेष पांच प्रतिशत केंद्र द्वारा आपदा-समायोजित प्रोत्साहन के लिए रखा जाता है।
भाषा वैभव माधव
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