नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि केरलम अंतरराष्ट्रीय वृत्तचित्र और लघु फिल्म महोत्सव (आईडीएसएफएफके) में किसी भी फिल्म के प्रदर्शन की अनुमति से इनकार नहीं किया गया है।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कई फिल्में विचाराधीन हैं और विभिन्न अधिकारियों द्वारा उनकी समीक्षा की प्रतीक्षा की जा रही है।
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय का यह स्पष्टीकरण कांग्रेस सांसद शशि थरूर द्वारा 18वें आईडीएसएफएफके में 31 फिल्मों को कथित तौर पर अनुमति देने से इनकार किए जाने को ‘‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला’’ बताए जाने और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव से हस्तक्षेप का आग्रह करने के बाद आया है।
मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘18वें केरलम अंतरराष्ट्रीय वृत्तचित्र और लघु फिल्म महोत्सव में प्रदर्शन के लिए किसी भी फिल्म की अनुमति से इनकार नहीं किया गया है। छह फिल्मों से विस्तृत सारांश उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। फिल्मों के विषय के आधार पर, कुछ को समीक्षा के लिए विभिन्न क्षेत्रीय अधिकारियों के पास भेजा गया है।’’
केंद्र सरकार के सूत्रों ने कहा कि महोत्सव की आयोजक केरल राज्य चलचित्र अकादमी ने प्रमाणन आवश्यकताओं से छूट के लिए 347 फिल्में प्रस्तुत की थीं।
सूत्रों के अनुसार, इनमें से 291 फिल्मों के लिए छूट जारी कर दी गई है, जबकि 24 फिल्में पहले से ही प्रमाणित हैं और इसलिए उन्हें ऐसी छूट की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने बताया कि अनापत्ति प्रमाण पत्र के लिए 20 फिल्मों को विदेश मंत्रालय, एक को रक्षा मंत्रालय, चार को केंद्रीय गृह मंत्रालय और एक को स्पष्टीकरण के लिए केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के पास भेजा गया है।
अन्य छह फिल्मों के लिए विस्तृत सारांश मांगे गए हैं।
सरकार के सूत्रों द्वारा दिए गए ये आंकड़े उन 32 फिल्मों की स्थिति स्पष्ट करते हैं, जिन्हें या तो अन्य विभागों के पास भेजा गया है या जिनसे अतिरिक्त जानकारी मांगी गई है।
केरलम के संस्कृति मंत्री पी सी विष्णुनाथ द्वारा यह कहे जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया कि महोत्सव के लिए चुनी गई 31 फिल्मों को प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है।
हालांकि, विष्णुनाथ ने यह भी कहा था कि केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने यह सूचित नहीं किया है कि फिल्मों की अनुमति से इनकार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र ने अकादमी को अनुमति प्राप्त फिल्मों की सूची भेज दी थी, जबकि शेष 31 को अभी मंजूरी नहीं मिली।
इसी विवाद पर तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य थरूर ने कहा था कि वह ‘‘31 फिल्मों के लिए अनुमति से इनकार किए जाने की बात जानकर स्तब्ध’’ हैं।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह न केवल दुनिया के बेहतरीन सिनेमा को सम्मान देने की भारत की गौरवशाली परंपरा के साथ विश्वासघात है, बल्कि हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकतों में से एक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी हमला है।’’
आईडीएसएफएफके का 18वां संस्करण 25 से 30 सितंबर तक तिरुवनंतपुरम में आयोजित होने वाला है। यह महोत्सव राज्य सरकार के सांस्कृतिक मामलों के विभाग के तहत एक स्वायत्त संस्थान केरल राज्य चलचित्र अकादमी द्वारा आयोजित किया जाता है।
भाषा खारी दिलीप
दिलीप