नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने सोमवार को कहा कि केंद्र ने ‘बायोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया’ को मंजूरी दी है। इसके तहत इंडियन फार्माकोपिया कमीशन (आईपीसी) अंग और ऊतक प्रत्यारोपण में इस्तेमाल होने वाली दवाओं और जैविक उत्पादों से जुड़े दुष्प्रभावों की निगरानी और रोकथाम के लिए काम करेगा।
इस कार्यक्रम के तहत अंग और ऊतक दाताओं एवं प्राप्तकर्ताओं, दोनों को दी जाने वाली दवाओं/सामग्रियों को शामिल किया जाएगा।
पटेल ने यहां आईपीसी द्वारा आयोजित छठे राष्ट्रीय फार्माकोविजिलेंस सप्ताह कार्यक्रम में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रत्यारोपण से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं की पहचान और उन पर प्रतिक्रिया देने की क्षमता को मजबूत करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘दवाओं के दुष्प्रभाव के प्रति जागरुकता सभी की जिम्मेदारी होनी चाहिए। दर्ज की गई प्रत्येक प्रतिकूल घटना एक जान बचा सकती है।’’
पटेल ने कहा कि बायोविजिलेंस कार्यक्रम ‘फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया’ (पीवीपीआई) का पूरक होगा जो दवाओं से होने वाली प्रतिकूल प्रतिक्रियाओं की निगरानी करता है। इसके साथ ‘मेटरियोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया’ (एमवीपीआई) चिकित्सा उपकरणों से जुड़ी प्रतिकूल घटनाओं पर नजर रखता है।
उन्होंने कहा कि इन तीनों कार्यक्रमों से दवाओं चिकित्सा उपकरणों और प्रत्यारोपण में इस्तेमाल होने वाले उत्पादों की सुरक्षा निगरानी मजबूत होगी।
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राखी पवनेश
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