बीसीआई प्रमुख के खिलाफ प्रदर्शन में वकीलों से ‘मारपीट’ की सीबीआई जांच संबंधी याचिका खारिज

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बीसीआई प्रमुख के खिलाफ प्रदर्शन में वकीलों से ‘मारपीट’ की सीबीआई जांच संबंधी याचिका खारिज

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  • Publish Date - September 21, 2026 / 07:07 PM IST,
    Updated On - September 21, 2026 / 07:07 PM IST

नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को वकीलों के एक समूह की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें भारतीय विधिज्ञ परिषद (बीसीआई) के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान उनके साथ कथित मारपीट की सीबीआई जांच कराने का अनुरोध किया गया था। अदालत ने कहा कि यह याचिका विचार योग्य नहीं है।

अदालत ने याचिकाकर्ताओं की इस दलील पर ‘‘सम्मानपूर्वक’’ असहमति जताई कि चूंकि मिश्रा सत्ताधारी दल के सांसद हैं, इसलिए दिल्ली पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करेगी, जबकि सीबीआई करेगी।

अदालत ने कहा, ‘‘इस आशंका के समर्थन में कोई आधार पेश नहीं किया गया है। किसी विशेष आधार के अभाव में इस तरह से पूरी दिल्ली पुलिस की छवि खराब करना उचित नहीं है, खासकर तब जब याचिकाकर्ताओं के अपने मामले में किसी संज्ञेय अपराध का खुलासा नहीं होता।’’

न्यायमूर्ति गिरिश कठपालिया ने कहा, ‘‘आशंका वाला तर्क भी इसलिए नहीं टिकता क्योंकि जिस सीबीआई को मामला दर्ज करने और जांच करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है, वह भी एक सरकारी संस्था है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘किसी सरकारी संस्था को ऐसे सामान्य, व्यापक और बेबुनियाद आरोपों से बदनाम करने की कोशिश से बचना चाहिए क्योंकि, इससे आम आदमी के मन में पूरी व्यवस्था के प्रति निराशा और अविश्वास पैदा होता है, जो नुकसानदेह साबित होता है।’’

उच्च न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ताओं के पास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 223 के तहत संबंधित मजिस्ट्रेट की अदालत में शिकायत दर्ज कराने का एक वैकल्पिक और कारगर उपाय मौजूद है। अदालत ने कहा कि यह ऐसा मामला नहीं है, जिसमें किसी प्राधिकार को मामला दर्ज करने और जांच करने का निर्देश देने के लिए आदेश जारी किया जाए।

याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता प्रशांत भूषण पेश हुए। उन्होंने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या किसी अन्य एजेंसी को 20-21 अगस्त की मध्यरात्रि को बीसीआई परिसर के अंदर और बाहर उनके तथा अन्य वकीलों के साथ हुई कथित मारपीट के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और स्वतंत्र जांच करने का निर्देश देने का अनुरोध किया था।

उन्होंने बीसीआई को यह निर्देश देने का भी अनुरोध किया कि वह संबंधित अवधि के बीसीआई कार्यालय परिसर की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखे और जांच एजेंसी को सौंपे।

याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि उनकी शिकायत के बावजूद दिल्ली पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेट सीसीटीवी फुटेज जब्त करने या अन्य जांच संबंधी कदम उठाने का निर्देश नहीं दे सकते और न ही उनके पास सीबीआई जांच का आदेश देने का अधिकार है।

वकीलों के एक समूह ने 20 अगस्त को यहां बीसीआई कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। उन्होंने परिषद के कामकाज में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मिश्रा के इस्तीफे की मांग की थी।

भाषा आशीष प्रशांत

प्रशांत