नई दिल्ली: No Petrol Without Insurance अगर आप वाहन चालक हैं तो ये बखूबी जानते होंगे कि गाड़ी का बीमा कितना जरूरी है। लेकिन अब से सिर्फ आपकी और वाहन की सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि पेट्रोल भरवाने के लिए भी बेहद जरूरी होने वाला है। जी हां केंद्र की मोदी सरकार जल्द ही ये नियम लागू करने वाली है। यानि अब बिना थर्ड पार्टी बीमा के पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा। इतना ही नहीं बिना हेलमेट वालों को भी अब पेट्रोल नहीं मिलेगा।
No Petrol Without Insurance मिली जानकारी के अनुसार थर्ड पार्टी इंश्योरेंस को बढ़ावाा देने के लिए वित्त मंत्रालय ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय से सिफारिश की है कि थर्ड-पार्टी बीमा के बिना कोई वाहन सड़क पर न चले। वित्त मंत्रालय के प्रस्तावों में यह भी शामिल है कि केवल उन वाहनों को ईंधन और फास्टैग दिया जाए, जिनके पास वैध थर्ड-पार्टी बीमा हो।
मामले से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय इन प्रस्तावों पर काम कर रहा है और जल्द ही नियमों में बदलाव किया जा सकता है। इसके तहत वाहन संबंधी सेवाओं को बीमा कवर से जोड़ा जाएगा। इसके तहत पेट्रोल पंपों और अन्य सेवाओं को इस तरह से जोड़ा जाए कि केवल वैध बीमा वाले वाहनों को ही सेवाएं दी जाएं। इसके साथ ही राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को सख्त अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे।
मोटर वाहन अधिनियम-1988 के तहत सभी वाहनों के लिए थर्ड-पार्टी बीमा अनिवार्य है, जो कम से कम तीन महीने का होना चाहिए। यह बीमा दुर्घटना में किसी तीसरे पक्ष को हुए नुकसान की भरपाई के लिए होता है। अनिवार्य होने के बावजूद भारतीय सड़कों पर आधे से अधिक वाहन बिना बीमा के चल रहे हैं।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2022-23 में भारत में लगभग 34 करोड़ पंजीकृत वाहन थे, लेकिन इनमें से केवल 43-50% के पास ही वैध थर्ड-पार्टी बीमा था। वर्ष 2024 में संसद की एक समिति ने इस मुद्दे पर विचार किया और इसे लागू करने की सिफारिश की। मार्च 2020 तक लगभग 6 करोड़ वाहन बिना बीमा के पाए गए थे।
क्या बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के अब पेट्रोल नहीं मिलेगा?
जी हां, सड़क परिवहन मंत्रालय जल्द ही एक नया नियम लागू करने वाला है, जिसके तहत बिना थर्ड पार्टी इंश्योरेंस वाले वाहनों को पेट्रोल और डीजल नहीं मिलेगा।
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस क्या होता है और क्यों जरूरी है?
थर्ड पार्टी इंश्योरेंस एक प्रकार का बीमा है जो दुर्घटनाओं में किसी तीसरे पक्ष को हुए नुकसान की भरपाई करता है। यह मोटर वाहन अधिनियम-1988 के तहत अनिवार्य है।
क्या सरकार इस नियम को लागू करने में किसे जिम्मेदार ठहराएगी?
सरकार ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस नियम के सख्त अनुपालन के निर्देश दिए हैं। पेट्रोल पंपों और अन्य सेवाओं को इस नियम के तहत जोड़ा जाएगा।
भारत में कितने वाहन थर्ड पार्टी बीमा से जुड़े हुए हैं?
भारत में 2022-23 में लगभग 34 करोड़ पंजीकृत वाहन थे, जिनमें से केवल 43-50% वाहनों के पास वैध थर्ड पार्टी बीमा था।
क्या बिना हेलमेट के भी पेट्रोल नहीं मिलेगा?
जी हां, नए नियमों के तहत बिना हेलमेट के वाहन चलाने वालों को भी पेट्रोल नहीं मिलेगा।