नोएडा, 14 जुलाई (भाषा) साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ नोएडा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस का दावा है कि इन म्यूल (कमीशन पर मिलने वाले खाते) खातों के माध्यम से साइबर ठगों ने लोगों से ठगी गई रकम को इधर-उधर ट्रांसफर किया था।
पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन “साइबर वज्र” के तहत म्यूल खातों की जांच की जा रही है जिसमें पता चला कि कई बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधियों ने ठगी की रकम के लेनदेन के लिए किया।
थाना एक्सप्रेस-वे के प्रभारी निरीक्षक अमित खारी ने मंगलवार को बताया कि उपनिरीक्षक अभिषेक ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई है। जांच में पता चला कि सरस मुकुंद के नाम से खोले गए एक बैंक खाते का साइबर अपराधी उपयोग कर रहे थे। इस खाते के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर कई शिकायतें दर्ज हैं।
थाना सेक्टर-24 के प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार ने बताया कि साइबर मुख्यालय से मिली सूचना के आधार पर जांच में इंडसइंड बैंक के एक खाते का इस्तेमाल साइबर अपराधियों द्वारा किए जाने की जानकारी मिली। इस खाते के खिलाफ विभिन्न साइबर पोर्टल पर 44 शिकायतें दर्ज हैं। एक अन्य मामले में इसी थाने में दर्ज रिपोर्ट में एक अन्य बैंक खाते के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर नौ शिकायतें मिलने की बात सामने आई है।
थाना सेक्टर-39 के प्रभारी निरीक्षक डीपी शुक्ल ने बताया कि साइबर मुख्यालय से मिली जानकारी के आधार पर जांच में कुछ बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधियों द्वारा किए जाने की पुष्टि हुई। इस मामले में तीन खाताधारकों के खिलाफ आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। एक अन्य मामले में सरिता देवी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि उनके इंडियन ओवरसीज बैंक के खातों का इस्तेमाल म्यूल खाते के रूप में किया गया और इनमें साइबर ठगी की लाखों रुपये की रकम ट्रांसफर हुई।
थाना सेक्टर-49 पुलिस ने बताया कि जांच में पता चला कि सेक्टर-51 स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में संध्या पुत्री रामस्वरूप के नाम से खोले गए खाते का इस्तेमाल साइबर अपराधी कर रहे थे। वहीं, बंधन बैंक के कर्मचारी अमित कुमार के खिलाफ भी फर्जी तरीके से खाता खुलवाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है।
थाना फेस-1 पुलिस ने सौरभ, शुभम जायसवाल और अनिकेत मिश्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि इन लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधियों द्वारा ठगी की रकम के लेनदेन के लिए किया जा रहा था।
थाना सेक्टर-113 पुलिस ने सुलोचना देवी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने बंधन बैंक में एक म्यूल खाता खुलवाकर साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया। इसके अलावा कुछ लोगों द्वारा चार बैंक खाते फर्जी तरीके से खुलवाने और उनके जरिए साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर किए जाने का मामला भी दर्ज किया गया है।
थाना सेक्टर-126 पुलिस ने एनसीआरपी पोर्टल पर मिली शिकायतों के आधार पर दो बैंक खाताधारकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इनमें से एक खाते के खिलाफ छह साइबर शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस ने बताया कि सभी मामलों में जांच की जा रही है और खातों के जरिए हुए लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।
भाषा सं नरेश मनीषा
मनीषा