नोएडा: ऑनलाइन सट्टेबाजी में लिप्त गिरोह के छह सदस्य गिरफ्तार, बम धमकियों से संबंध के भी संकेत मिले

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नोएडा: ऑनलाइन सट्टेबाजी में लिप्त गिरोह के छह सदस्य गिरफ्तार, बम धमकियों से संबंध के भी संकेत मिले

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  • Publish Date - February 14, 2026 / 02:32 PM IST,
    Updated On - February 14, 2026 / 02:32 PM IST

नोएडा (उत्तर प्रदेश), 14 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) की नोएडा इकाई ने ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के जरिए ठगी करने वाले गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया और इनका ‘‘बम धमकियों से संबंध होने के भी संकेत’’ मिले हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

अपर पुलिस अधीक्षक (एसटीएफ) राजकुमार मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में नेपाल और भारत के नागरिक शामिल हैं जो गाजियाबाद के इंदिरापुरम और ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी क्षेत्र में अवैध कॉल सेंटर के जरिए ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क संचालित कर रहे थे।

उन्होंने बताया कि पिछले दिनों गौतमबुद्ध नगर जिले के निजी स्कूलों को मिली बम से उड़ाने की धमकियों की जांच की जा रही थी जिसमें पता चला कि ई-मेल अमेरिका से आए थे लेकिन तकनीकी पड़ताल में इसकी ‘रिकवरी मेल’ का बांग्लादेश और भारत से संबंध होना पाया गया।

मिश्रा ने कहा, ‘‘जांच में यह मेल थाना बिसरख क्षेत्र के शाहबेरी इलाके से जुड़ा पाया गया। इसी आधार पर एसटीएफ ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया।’’

एसटीएफ टीम ने शाहबेरी स्थित आरोपियों के ठिकाने पर छापा मारा और बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए।

उन्होंने कहा, ‘‘पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप के लिए कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे। यह गिरोह अमेरिकी नामों जैसी फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर ग्राहकों से संपर्क करता था। मोबाइल और लैपटॉप से बड़ी संख्या में ऐसी ई-मेल आईडी लॉगिन मिलीं।’’

पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी ‘वीपीएन’ और किसी तरह के ऐप का उपयोग कर अपनी असली लोकेशन छिपाते थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नेपाल के निवासी एव मुख्य आरोपी अमीष जंग कारकी, लेखनाथ शर्मा व केदारनाथ और आगरा निवासी अनन्त कुमार, बिहार निवासी दिव्याशु व साहिल कुमार के रूप में हुई। इन भी के खिलाफ गौतमबुद्ध नगर के सूरजपुर थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘इनके पास से चार लैपटॉप, 22 मोबाइल फोन, दो नेपाली पासपोर्ट, दो फर्जी आधार कार्ड, चार पैन कार्ड, 16 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, एक चेकबुक, नेपाली पैन कार्ड, नागरिकता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और 19,500 रुपये बरामद हुए।’’

अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा, ‘‘पुलिस यह भी जांच कर रही है कि धमकी भरे ई-मेल और सट्टेबाजी नेटवर्क का कोई प्रत्यक्ष संबंध है या नहीं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया और कितनी रकम बाहर भेजी गई।’’

उन्होंने बताया कि उनके बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट की भी जांच जारी है।

भाषा सं खारी

खारी