अलग राज्य की मांग को लेकर पूर्वी नगालैंड में बंद से जनजीवन प्रभावित

अलग राज्य की मांग को लेकर पूर्वी नगालैंड में बंद से जनजीवन प्रभावित

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  • Publish Date - March 11, 2024 / 12:49 PM IST,
    Updated On - March 11, 2024 / 12:49 PM IST

कोहिमा, 11 मार्च (भाषा) अलग राज्य की मांग को लेकर ‘ईस्टर्न नगालैंड पीपुल्स ऑर्गेनाइजेशन’ (ईएनपीओ) द्वारा आहूत अनिश्चितकालीन बंद के कारण सोमवार को पूर्वी नगालैंड के छह जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

ईएनपीओ के बंद के आह्वान के कारण क्षेत्र में दुकानें और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान बंद रहे और अधिकतर वाहन सड़कों से नदारद रहे। ईएनपीओ क्षेत्र में सात नगा जनजातियों की शीर्ष संस्था है।

बिजली विभाग, चिकित्सा, अग्निशमन और अन्य आपातकालीन सेवाओं के अलावा मीडिया और शादियों को बंद से छूट दी गई।

ईएनपीओ की मांग है कि छह जिलों मोन, तुएनसांग, लोंगलेंग, किफिरे, नोकलाक और शामतोर को मिलाकर एक अलग ‘फ्रंटियर नगा टेरिटरी’ राज्य बनाया जाए।

निकाय के सूत्रों ने बताया कि बंद का आह्वान करने का निर्णय रविवार को तुएनसांग जिले में ईएनपीओ के मुख्यालय में लिया गया था।

ईएनपीओ ने संकल्प लिया है कि जब तक उसकी मांगें नहीं मानी जाएगी, वह आगामी लोकसभा चुनाव के लिए क्षेत्र में किसी भी राजनीतिक दल को प्रचार करने की अनुमति नहीं देगा।

ईएनपीओ ने अपनी मांगों को लेकर क्षेत्र में ‘‘सार्वजनिक आपातकाल’’ की घोषणा की थी और आठ मार्च को सुबह छह बजे से 12 घंटे तक क्षेत्र में बंद लागू किया था।

भाषा प्रीति सिम्मी

सिम्मी