कानपुर में कुख्यात इनामी साइबर अपराधी और उसका साथी गिरफ्तार

कानपुर में कुख्यात इनामी साइबर अपराधी और उसका साथी गिरफ्तार

कानपुर में कुख्यात इनामी साइबर अपराधी और उसका साथी गिरफ्तार
Modified Date: July 22, 2026 / 07:50 pm IST
Published Date: July 22, 2026 7:50 pm IST

कानपुर (उप्र), 22 जुलाई (भाषा) कानपुर में 124 बैंक खातों के माध्यम से करीब 250 करोड़ रुपये का लेनदेन किए जाने से जुड़े धनशोधन मामले में 50 हजार रुपये के इनामी साइबर अपराधी और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि अपराध शाखा के साइबर प्रकोष्ठ, बर्रा थाने की पुलिस और सर्विलांस इकाई की संयुक्त टीम ने बुधवार को कानपुर निवासी 44 वर्षीय राजवीर सिंह यादव उर्फ ओंकार और 25 वर्षीय शिवम सिन्हा को गिरफ्तार किया।

अधिकारियों ने बताया कि राजवीर पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

उन्होंने बताया कि पुलिस इस गिरोह के कथित सरगना अभय शुक्ला उर्फ सुल्तान मिर्जा की तलाश कर रही है।

अधिकारियों के अनुसार वह जॉन सीना और बैलेंटाइन के नाम से भी जाना जाता है और उसके दुबई में छिपे होने की आशंका है।

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘इस गिरोह ने 124 बैंक खाते खुलवाए थे। इन खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर करीब 1,600 शिकायतें दर्ज हैं। हमने वर्ष 2021 से 2026 के बीच इन खातों से करीब 250 करोड़ रुपये का लेनदेन होने का पता लगाया है।’

उन्होंने कहा कि पुलिस ने राजवीर की करीब 4.5 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर दी है, इसके अलावा कुछ बैंक खातों की भी पहचान की गई है, जिनमें 35 से 40 लाख रुपये जमा हैं।

लाल ने बताया कि अपराध से अर्जित पैसे से खरीदी गई लग्जरी गाड़ियां, गेस्ट हाउस, मकान, प्लॉट और कृषि भूमि का भी पता लगाया गया है।

अपर पुलिस उपायुक्त (ऑपरेशंस) सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि यह गिरोह साइबर कैफे, हवाला कारोबारियों और बैंक कर्मचारियों की मदद से अनजान लोगों के नाम पर करंट अकाउंट खुलवाता था।

उन्होंने कहा कि इन खातों को खोलने के लिए फर्जी एमएसएमई पंजीकरण और फर्जी कंपनियां बनाई जाती थीं और बाद में इन्हीं खातों का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट ठगी, साइबर धोखाधड़ी और अवैध ऑनलाइन गेमिंग से मिले पैसे को इधर-उधर भेजने के लिए किया जाता था।

भाषा सं. सलीम जोहेब

जोहेब


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