Now no 'Hello-Hi' in maharashtra government offices ...

अब सरकारी दफ्तरों में नहीं चलेगा ‘हेलो-हाय’… सबको बोलना होगा वंदे मातरम, गांधी जयंती पर प्रदेश सरकार का बड़ा ऐलान

No 'Hello-Hi' in government offices : आज 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैलसा लिया है। इस फैसले के अनुसार अब सरकारी

Edited By: , October 2, 2022 / 12:20 PM IST

मुंबई: No ‘Hello-Hi’ in government offices : आज 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैलसा लिया है। इस फैसले के अनुसार अब सरकारी कार्यालयों में फोन पर ‘हेलो’ की बजाए ‘वंदे मातरम’ बोलने के अभियान की शुरुआत की जाएगी। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और सुधीर मुनगंटीवार वर्धा से इस अभियान की शुरुआत करेंगे। राज्य के सभी सरकारी, अर्धसरकारी कार्यालयों में कर्मचारी और अधिकारी फोन पर बातचीत की शुरुआत अब ‘हेलो’ की बजाए ‘वंदे मातरम’ से करेंगे।

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फोन कॉल रिसीव करते समय ‘हेलो’ की जगह बोलना होगा ‘वंदे मातरम’

No ‘Hello-Hi’ in government offices :  महाराष्ट्र सरकार ने शनिवार को एक सरकारी संकल्प जारी किया, जिसमें सरकारी और सरकार द्वारा वित्त पोषित संस्थानों में काम करने वाले सभी कर्मचारियों के लिए नागरिकों या सरकारी अधिकारियों का टेलीफोन या मोबाइल फोन कॉल रिसीव करते समय ‘हेलो’ के बजाय ‘वंदे मातरम’ का उपयोग करना अनिवार्य कर दिया गया।

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सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया GR

No ‘Hello-Hi’ in government offices :  महाराष्ट्र सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी जीआर में कहा गया है कि अधिकारी उनसे मिलने आने वाले लोगों को भी अभिवादन के तौर पर ‘वंदे मातरम’ का इस्तेमाल करने के लिए उन्हें जागरूकता पैदा करें। जीआर में कहा गया है कि ‘हेलो’ शब्द पश्चिमी संस्कृति की नकल है और ‘बिना किसी विशिष्ट अर्थ के अभिवादन करने का तरीका है। यह शब्द कोई स्नेह पैदा नहीं करता है।’ हाल ही में एकनाथ शिंदे की कैबिनेट में शामिल होने के तुरंत बाद महाराष्ट्र के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने यह प्रस्ताव पेश किया था। बाद में उन्होंने पीछे हटते हुए कहा था कि सरकारी कार्यालयों में अभिवादन के लिए राष्ट्रवाद को दर्शाने वाले किसी भी समकक्ष शब्द का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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विपक्षी दलों के नेताओं ने किया आदेश का विरोध

No ‘Hello-Hi’ in government offices :  वहीं, दूसरी ओर विपक्षी दलों और राजनीतिक पार्टियों ने सरकार के इस आदेश पर आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि सिर्फ ‘वंदे मातरम’ बोलने से किसी में देशभक्ति की भावना नहीं जागती। वहीं, एआईएमआईएम प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा, ‘ये क्या नया नाटक है, इससे रोजगार मिलेगा क्या? यह बीजेपी का जरूरी मुद्दों जैसे कि बेरोजगारी और महंगाई से ध्यान हटाने का तरीका है।’ सपा नेता अबू आसिम आजमी ने भी इस आदेश का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जानबूझकर ऐसा आदेश निकाला है, ताकि हिंदू-मुस्लिम के बीच में दरार आए। अबू आसिम ने कहा कि हम देश से प्रेम करते हैं, लेकिन केवल अल्ला के सामने सिर झुकाते हैं। हम कभी भी ‘वंदे मातरम’ नहीं बोलेंगे।

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जै महाराष्ट्र बोलना देशद्रोह है क्या : अबू आसिम आजमी

No ‘Hello-Hi’ in government offices :  समाजवादी पार्टी नेता अबू आसिम आजमी ने कहा कि मैं सीएम से पूछना चाहता हूं कि आप हमेशा बाला साहेब की तरह ‘जै महाराष्ट्र’ बोला करते थे तो फिर बीजेपी और आरएसएस के दवाब में आकर इसे छोड़ने के लिए क्यों कह रहे हैं, ‘जै महाराष्ट्र’ बोलना देशद्रोह है क्या? उन्होंने आगे कहा कि हम सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता हमारा बोलते हैं, जै हिंद बोलते हैं… क्या इससे कहीं भी देश के खिलाफ नफरत नजर आती है। अगर कोई सच्चा मुलमान है तो वह खुदा के अलावा किसी के आगे सिर नहीं झुकाएगा और इसमें देशद्रोह नहीं है। भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार का कहना है कि ‘हेलो’ जैसे शब्‍द विदेशी हैं। ऐसे में इन शब्दों का त्याग करना जरूरी है। उन्होंने कहा क‍ि ‘वंदे मातरम’ सिर्फ एक शब्द नहीं है बल्कि हर भारतीय की भावना है।

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