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नयी दिल्ली, 28 मई (भाषा) कांग्रेस की छात्र शाखा नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) नीति के खिलाफ बृहस्पतिवार को विरोध मार्च निकाला और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
यह मार्च इंदिरा भवन से शिक्षा सदन स्थित केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के मुख्यालय तक निकाला गया। एनएसयूआई के सैकड़ों सदस्यों ने मार्च में भाग लिया और ‘‘हम ओएसएम को अस्वीकार करते हैं’’ के नारे लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस नीति ने बोर्ड परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों के बीच भ्रम और अतिरिक्त दबाव पैदा किया है।
नीति के विरोध में प्रदर्शनकारियों द्वारा शिक्षा सदन की ओर मार्च करने के प्रयास के दौरान सीबीएसई मुख्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
एनएसयूआई सदस्यों के अनुसार, ओएसएम प्रणाली ने देश भर में लाखों छात्रों और अभिभावकों के बीच अनिश्चितता पैदा कर दी है। प्रदर्शनकारियों ने “सीबीएसई छात्रों को न्याय दो” और “छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करो” जैसे नारे लिखी तख्तियां हाथों में ले रखी थीं।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने ओएसएम प्रणाली को ‘‘छात्र विरोधी’’ बताते हुए दावा किया कि छात्रों पर ‘‘प्रायोगिक नीतियां’’ लागू की जा रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘छात्रों को पारदर्शी और छात्र-हितैषी परीक्षा प्रणाली मिलनी चाहिए, न कि भ्रम और मानसिक तनाव।’’
जाखड़ ने आगाह किया कि यदि सीबीएसई छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान करने में विफल रहता है, तो संगठन राष्ट्रीय स्तर पर अपना आंदोलन तेज करेगा।
प्रदर्शन के दौरान मौजूद एनएसयूआई के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि संगठन उन नीतियों का विरोध करना जारी रखेगा जो उनके अनुसार छात्रों के शैक्षणिक भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं।
ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर विवाद के बीच, सीबीएसई ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह एक ‘‘सुरक्षित और मजबूत आईटी प्लेटफॉर्म’’ है और वास्तविक मूल्यांकन पोर्टल में किसी भी प्रकार की खामी या इस बारे में सूचना नहीं मिली है।
भाषा आशीष पवनेश
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