138 दिनों के बाद कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 4.03 लाख हुयी

138 दिनों के बाद कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 4.03 लाख हुयी

138 दिनों के बाद कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 4.03 लाख हुयी
Modified Date: November 29, 2022 / 07:52 pm IST
Published Date: December 6, 2020 10:27 am IST

नयी दिल्ली, छह दिसंबर (भाषा) देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 4.03 लाख रह गयी है जो पिछले 138 दिनों के बाद सबसे कम है। मौजूदा मरीजों की संख्या अब तक कुल संक्रमितों का 4.18 फीसदी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी।

इससे पहले 21 जुलाई को देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 4,02,529 थी।

पिछले नौ दिनों में यह देखा गया है कि रोज जितने नये मामले सामने आये उससे कहीं ज्यादा लोग संक्रमणमुक्त हुए।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘नये मामलों की तुलना में अधिक मरीजों के स्वस्थ होने के रूख से भारत में कोविड-19 के सक्रिय मामले लगातार घटते गये और फिलहाल इलाजरत मरीज की संख्या कुल मामलों का महज 4.18 प्रतिशत है। ’’

देश में 24 घंटों में कोविड-19 से 36,011 लोग संक्रमित पाये गये जबकि इसी दौरान 41,970 मरीज संक्रमणमुक्त हुए।

मंत्रालय के अनुसार पिछले सात दिनों में देश में प्रति दस लाख आबादी पर 186 नये मामले सामने आए हैं । यह दुनिया में सबसे निम्नतम आंकड़ों में एक है। देश में अब तक स्वस्थ हुए मरीजों की संख्या 91 लाख से अधिक हो गयी है।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘ स्वस्थ हुए मरीजों और नये मामलों के बीच अंतर लगातार लगातार बढ़ रहा है और यह अब तक करीब 87 लाख हो गया है। ’’

नये स्वस्थ हुए लोगों में 76.6 फीसद दस राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के हैं।

महाराष्ट्र में एक दिन में सर्वाधिक 5,834 लोग संक्रमण मुक्त हुए। केरल में ऐसे लोगों की संख्या 5,820 रही है। दिल्ली में उनकी संख्या 4,916 है।

मंत्रालय का कहना है कि नये मामलों में 75.70 फीसद दस राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से हैं।

केरल में सर्वाधिक 5,848 नये मामले सामने आये। महाराष्ट्र में 4,922 नये मरीजों का पता चला है। दिल्ली में 3,419 नए मामले सामने आए।

एक दिन में 36,011 नये मरीज सामने आने से कोरोना वायरस के कुल मामले 96,44,222 हो गये। इस बीच 482 और मरीजों की मौत हो जाने से मृतकों की संख्या 1.40 लाख के पार चली गयी है।

भाषा

राजकुमार अविनाश

अविनाश


लेखक के बारे में