विस्थापितों की जब्त की गई जमीन ‘हड़पने’ के मामले में आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त: ईडी

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विस्थापितों की जब्त की गई जमीन ‘हड़पने’ के मामले में आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त: ईडी

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  • Publish Date - August 25, 2025 / 04:49 PM IST,
    Updated On - August 25, 2025 / 04:49 PM IST

जम्मू, 25 अगस्त (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को कहा कि हाल ही में यहां कई स्थानों पर की गई छापेमारी के दौरान राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों के ठिकानों से कई संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। यह कार्रवाई धनशोधन की जांच के तहत की गई है, जो कथित रूप से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के विस्थापितों की (कस्टोडियन) जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़ी हुई है।

एजेंसी ने बताया कि धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जम्मू में शुक्रवार को कम से कम नौ और उधमपुर में एक स्थान पर छापेमारी की गई।

ईडी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ईडी ने विभिन्न पटवारियों, तहसीलदारों, बिचौलियों और भूमि हड़पने वालों की संलिप्तता से संबंधित 502.5 कनाल (62.8 एकड़) भूमि के अवैध कब्जे के मामले में तलाशी अभियान चलाया।’’

इसने कहा, ‘‘तलाशी के दौरान, संपत्ति, राजस्व रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य से संबंधित विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए।’’

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जम्मू में 2022 से चल रही जांच के तहत पटवारी स्तर के अधिकारी प्रणव देव सिंह और राहुल काई, नायब तहसीलदार अकील अहमद और कुछ अन्य लोगों से जुड़ी जगहों पर छानबीन की जा रही है।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी के बाद धनशोधन मामले की जांच की जा रही है।

भाषा प्रीति सुरेश

सुरेश

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