CJP and Government Dialog Update: कॉकरोच जनता पार्टी लगाएगी ‘जन-अदालत’.. मोदी सरकार ने भेजा था बातचीत का प्रस्ताव, ठुकराया, ये 3 मांगे भी रखी सामने

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CJP and Government Dialog Update: NEET-UG आंदोलन के बीच CJP नेता ने सरकार के वार्ता प्रस्ताव को ठुकराया, जंतर-मंतर पर बातचीत और तीन मांगें दोहराईं।

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  • Publish Date - July 22, 2026 / 03:27 PM IST,
    Updated On - July 22, 2026 / 03:50 PM IST

CJP and Government Dialog Update || Image- ANI News File

HIGHLIGHTS
  • CJP नेता ने वार्ता प्रस्ताव ठुकराया।
  • जंतर-मंतर पर बातचीत की मांग।
  • तीन प्रमुख मांगों पर अड़े प्रदर्शनकारी।

नई दिल्ली: NEET-UG पेपर लीक को लेकर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता और प्रदर्शनकारी नेता सौरव दास ने सरकार की ओर से बातचीत के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। (CJP and Government Dialog Update) उन्होंने कहा कि किसी निजी आवास पर नहीं, बल्कि जंतर-मंतर स्थित “जनता की अदालत” में ही बातचीत होनी चाहिए।

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‘मंत्री जनता के बीच आकर करें बातचीत’

मीडिया से बातचीत में सौरव दास ने दावा किया कि उन्हें भाजपा नेता जेपी नड्डा के आवास पर बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा, “हमें फिर उनके घर बुलाया गया, लेकिन हमने साफ मना कर दिया। जनता की अदालत यहीं लगती है, इसलिए मंत्रियों को जनता के बीच आकर बात करनी चाहिए।” हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यदि सुरक्षा संबंधी कोई चिंता है तो जंतर-मंतर के पास किसी तटस्थ स्थान पर बातचीत की जा सकती है। उनके अनुसार, इस संबंध में सरकार की ओर से अभी कोई जवाब नहीं मिला है।

तीन मांगों पर अड़े प्रदर्शनकारी

सौरव दास ने कहा कि आंदोलन समाप्त करने के लिए उनकी तीन प्रमुख मांगें हैं। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। दूसरा NEET-UG पेपर लीक की वजह से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा और तीसरा कि, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएं और भविष्य में इस आंदोलन से जुड़े शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर ऐसे मामले दर्ज नहीं करने की सरकारी गारंटी दी जाए। (CJP and Government Dialog Update) उन्होंने कहा कि सरकार तभी बातचीत के लिए बुलाए, जब इन मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मंशा हो।

हिंसा से दूर रहने की अपील

प्रदर्शन के दौरान पत्थरबाजी की खबरों के बीच सौरव दास ने आंदोलनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हिंसा की कोई जगह नहीं है और प्रदर्शन पूरी तरह गांधीवादी तरीके से होना चाहिए। उन्होंने कहा, “यदि हिंसा या तोड़फोड़ होगी तो पूरे आंदोलन का मुद्दा बदल जाएगा। हमें अपने मूल मुद्दे से नहीं भटकना चाहिए।” हिरासत में लिए गए लोगों का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग

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सौरव दास ने कहा कि उन्होंने पुलिस से हिरासत में लिए गए और घायल हुए लोगों का पूरा ब्योरा मांगा है। (CJP and Government Dialog Update) उन्होंने मांग की कि पुलिस यह सार्वजनिक करे कि कितने लोगों को हिरासत में लिया गया, वे कहां हैं और कितने लोग अब भी पुलिस हिरासत में हैं।

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सौरव दास ने सरकार के वार्ता प्रस्ताव को क्यों ठुकराया?

सौरव दास का दावा है कि उन्हें एक निजी आवास पर बातचीत के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने कहा कि वार्ता जंतर-मंतर स्थित "जनता की अदालत" या किसी तटस्थ स्थान पर होनी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें क्या हैं?

प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, कथित पेपर लीक से जुड़े मामलों में मृत छात्रों के परिवारों को मुआवजा और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग रखी है।

सौरव दास ने हिंसा को लेकर क्या कहा?

उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि आंदोलन गांधीवादी तरीके से होना चाहिए और हिंसा से मूल मुद्दे से ध्यान भटक सकता है।