ओडिशा: बीजद निलंबित विधायकों को विधानसभा से अयोग्य घोषित कराने के लिए कानूनी लड़ाई को तैयार

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ओडिशा: बीजद निलंबित विधायकों को विधानसभा से अयोग्य घोषित कराने के लिए कानूनी लड़ाई को तैयार

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  • Publish Date - March 23, 2026 / 12:12 AM IST,
    Updated On - March 23, 2026 / 12:12 AM IST

भुवनेश्वर, 22 मार्च (भाषा) विपक्षी बीजू जनता दल ने रविवार को कहा कि पार्टी हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान करने के आरोप में पार्टी से निलंबित किए गए छह विधायकों को ओडिशा विधानसभा से अयोग्य घोषित कराने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार है।

यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बीजद के प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने कहा कि पार्टी ‘इस लड़ाई को अंतिम बिंदु तक ले जाने के लिए मानसिक रूप से तैयार है।’

उन्होंने कहा, ‘यदि आवश्यक हुआ तो बीजद इस मामले को उच्चतम न्यायालय में ले जाने और यह सुनिश्चित करने के लिए तैयार है कि उन्हें सदन से अयोग्य घोषित कर दिया जाए।’

मोहंती की यह टिप्पणी बीजद द्वारा ओडिशा की चार राज्यसभा सीट के लिए हाल ही में हुए चुनाव के दौरान ‘क्रॉस-वोटिंग’ करने के लिए अपने छह विधायकों को निलंबित करने के एक दिन बाद आई है।

निलंबित विधायकों में चक्रमणि कन्हार (बालीगुडा), नबा किशोर मल्लिक (जयदेव), सौविक बिस्वाल (चौद्वार-कटक), सुबासिनी जेना (बस्ता), रमाकांत भोई (तिर्तोल) और देवी रंजन त्रिपाठी (बांकी) हैं।

बीजद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष देबी प्रसाद मिश्रा ने कहा कि उसकी राजनीतिक मामलों की समिति ने उन छह विधायकों का गंभीरता से संज्ञान लिया है, जिन्होंने ‘न केवल राज्यसभा चुनावों में पार्टी के फैसले के खिलाफ मतदान किया बल्कि पार्टी नेतृत्व के खिलाफ सार्वजनिक बयान भी दिए।’

मिश्रा ने कहा कि चूंकि छह विधायकों ने पार्टी के सामूहिक निर्णय का पालन नहीं किया इसलिए बीजद उनकी विधानसभा सदस्यता को अयोग्य घोषित करने के लिए अध्यक्ष के समक्ष औपचारिक अनुरोध करेगी।

मिश्रा ने कहा, ‘अगर निलंबित विधायक कानूनी कदम उठाते हैं तो पार्टी इसका मुकाबला करने के लिए तैयार है।’

भाषा

शुभम रंजन

रंजन