(फाइल फोटो सहित)
भुवनेश्वर, एक अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को कहा कि ओडिशा में सभी को मंत्रमुग्ध करने की क्षमता है और उन्होंने इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक गहराई एवं यहां के लोगों की जीवटता की सराहना करते हुए राज्य के विकास के प्रति केंद्र की प्रतिबद्धता की पुष्टि की।
मोदी ने ‘उत्कल दिवस’ के अवसर पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को चार पन्नों का पत्र लिखा। इस अवसर पर उन्होंने बख्शी जगबंधु, वीर सुरेंद्र साई, महाराजा कृष्ण चंद्र गजपति नारायण देव, मधुसूदन दास, गोपबंधु दास, फकीर मोहन सेनापति, गंगाधर मेहर, हरेकृष्ण महताब, मालती चौधरी, सरला देवी, पार्वती गिरि और बीजू पटनायक सहित राज्य की कई शख्सियतों को याद किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में बीजू पटनायक की सराहना करते हुए कहा कि उनका जीवन शक्ति, साहस और राष्ट्र निर्माण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीजू पटनायक इस धरती के प्रमुख सपूतों में से एक हैं।
उन्होंने कहा, “बीजू बाबू का बहुआयामी व्यक्तित्व हम सभी को प्रेरित करता है। यह (ओडिशा) वह भूमि है जिसने महान बीजू पटनायक को पाला-पोसा, जिनका जीवन शक्ति, साहस और राष्ट्र निर्माण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”
कुछ दिन पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे द्वारा बीजू पटनायक के बारे में टिप्पणी से विवाद हुआ था। दुबे ने दावा किया था कि 1960 के दशक में चीन के खिलाफ युद्ध के दौरान पटनायक ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के बीच एक कड़ी के रूप में काम किया था। दुबे ने बुधवार को अपने उस दावे के लिए बिना शर्त माफी मांगी।
‘उत्कल दिवस’ को ओडिशा स्थापना दिवस के रूप में भी जाना जाता है। यह 1936 में राज्य के गठन की याद में एक अप्रैल को मनाया जाता है।
मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘उत्कल दिवस के विशेष अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं। ओडिशा ऐसा राज्य है जो सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महानता के शाश्वत प्रतीक के रूप में गौरवान्वित है। ओडिया संगीत, कला और साहित्य ने भारत को अनगिनत तरीकों से समृद्ध किया है।’’
मोदी ने माझी को लिखे पत्र में व्यापार, शिक्षा, खेल, कला और अनुसंधान के क्षेत्र में उड़िया लोगों की विशेषज्ञता की सराहना की और प्रधानमंत्री बनने से पहले भी राज्य और उसके प्रवासी समुदाय के साथ अपने लंबे व्यक्तिगत जुड़ाव को याद किया।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसे अपना सौभाग्य और महाप्रभु जगन्नाथ का आशीर्वाद मानता हूं कि पिछले एक दशक में मुझे ओडिशा की प्रगति और यहां के लोगों की समृद्धि के लिए काम करने का अवसर मिला है।’’
प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए ओडिशा को रेलवे और सड़कों के लिए अब तक का सबसे अधिक आवंटन प्राप्त हुआ है। वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2026-27 के बीच रेलवे के लिए निधि बढ़कर 10,200 करोड़ रुपये हो गई है, जबकि 2008-09 और 2013-14 के बीच यह 838 करोड़ रुपये थी।
उन्होंने कहा कि इससे प्राकृतिक और सांस्कृतिक संपदा से समृद्ध राज्य में कनेक्टिविटी, परिवहन-माल ढुलाई और पर्यटन को नयी गति मिल रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आदिवासियों, जो राज्य की आबादी का लगभग एक चौथाई हिस्सा हैं, के उत्थान के लिए पीएम-जनमन जैसी योजनाएं सबसे कमजोर वर्गों पर केंद्रित हैं।
मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पारादीप के आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र, पारादीप और गोपालपुर में आगामी एलएनजी टर्मिनल और बहुदा बंदरगाह जैसी परियोजनाओं और महानदी नदी पर जहाज निर्माण और बंदरगाह पहल की व्यापक क्षमता सहित बंदरगाह-आधारित विकास के माध्यम से ओडिशा को एक प्रमुख समुद्री और औद्योगिक राज्य के रूप में उभरने में भी सहयोग दे रही है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विशेष रेयर अर्थ कॉरिडोर रणनीतिक खनिजों और उन्नत विनिर्माण में ओडिशा की भूमिका को और मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा कि ओडिशा भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा में भी तेजी से एक आशाजनक गंतव्य के रूप में उभर रहा है, और हाल ही में इस क्षेत्र में मिली स्वीकृतियों से इसकी उच्च-तकनीक और भविष्य-उन्मुखी निर्माण क्षमता में बढ़ती विश्वास की झलक मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि नक्सलवाद से संबंधित मोर्चे पर हुई प्रगति राज्य के विकास में और मदद करेगी।
मोदी ने पिछले दो वर्षों में माझी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा किए गए ‘‘असाधारण कार्य’’ की भी सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘जनता ने इस टीम पर अपार विश्वास जताया है और मुझे विश्वास है कि लोगों के सपनों को पूरा करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।’’
उन्होंने महिला सशक्तिकरण के संबंध में सुभद्रा योजना को माझी सरकार द्वारा उठाए गए ऐसे ही एक कदम के रूप में बताया।
उन्होंने ओडिया भाषा, संस्कृति और विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार की प्रशंसा भी की।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार खेल और युवा सशक्तिकरण के क्षेत्र में ओडिशा को लगातार सहयोग देती रहेगी। 2028 विश्व एथलेटिक्स इंडोर चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए ओडिशा का चयन पूरे देश के लिए गर्व की बात है। ऐसे खेल टूर्नामेंट विश्व के सामने ओडिशा की ताकत और क्षमता को प्रदर्शित करेंगे।’’
मोदी ने कहा, ‘‘ओडिशा समृद्धि के नए मुकाम हासिल करता रहेगा। केंद्र सरकार विकसित ओडिशा और विकसित भारत के हमारे साझा संकल्प को आगे बढ़ाने में ओडिशा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।’’
भाषा आशीष नरेश
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